रायपुर रेलवे स्टेशन पर स्कैनर बंद, बिना जांच रोजाना भेजे जा रहे 600 पार्सल

रायपुर रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय में सामान की जांच करने वाली स्कैनर मशीन बंद होने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मशीन का संचालन करने वाली एजेंसी ने घाटे का हवाला देकर 16 अगस्त को काम छोड़ दिया। इसके बाद रेलवे की ओर से अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में पार्सल कार्यालय से सामान की मशीन जांच के बिना ही ट्रेनों के जरिए देशभर में भेजा जा रहा है।
रायपुर स्टेशन के पार्सल कार्यालय से रोजाना करीब 600 कार्टन बुक किए जाते हैं। इनमें कपड़े, किराना सामान, ऑटो पार्ट्स, दवाइयां और अन्य व्यावसायिक सामग्री शामिल होती है। सामान्य प्रक्रिया के तहत पैक और सील किए गए पार्सल की स्कैनर मशीन से जांच की जाती है, जिससे पैकेट खोले बिना उसके भीतर रखी वस्तुओं की स्क्रीनिंग हो सके। मशीन बंद होने से यह प्रक्रिया फिलहाल प्रभावित है।
76 लाख रुपए का था स्कैनर संचालन का ठेका
रेलवे के अनुसार, पार्सल कार्यालय में स्कैनर मशीन के संचालन का ठेका 15 मई 2024 को बालाजी इंटरप्राइजेज को करीब 76 लाख रुपए में दिया गया था। अनुबंध की अवधि 14 मई 2029 तक निर्धारित थी। हालांकि एजेंसी ने तय अवधि पूरी होने से पहले ही 16 अगस्त 2026 को काम बंद कर दिया। कंपनी ने घाटे को काम छोड़ने की वजह बताया है।
बुकिंग और ट्रेनों से परिवहन जारी
स्कैनिंग सुविधा बंद होने के बावजूद पार्सल की बुकिंग और उन्हें ट्रेनों के जरिए संबंधित गंतव्य तक भेजने की प्रक्रिया जारी है। रोजाना बड़ी संख्या में पार्सल बुक होकर रवाना हो रहे हैं, लेकिन उनकी मशीन से सुरक्षा जांच नहीं हो पा रही है।
नई एजेंसी के लिए निकाला गया टेंडर
रेलवे ने स्कैनर संचालन के लिए नया टेंडर जारी किया है। नई एजेंसी का चयन होने के बाद स्कैनिंग सुविधा दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। तब तक पार्सल की मशीन से होने वाली सुरक्षा जांच प्रभावित रहेगी।
रेलवे का पक्ष
सीनियर डीसीएम रायपुर सुस्कर विपुल बिलासराव के मुताबिक, टेंडर की शर्तों में कंपनी को घाटा होने की स्थिति में काम छोड़ने का विकल्प दिया गया था। एजेंसी को घाटा होने के कारण उसने काम बंद किया है। नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही नई कंपनी के चयन के बाद स्कैनिंग व्यवस्था दोबारा शुरू की जाएगी।











