DIG और SP पर हाईकोर्ट सख्त, अवमानना मामले में जारी किया जमानती वारंट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने आदेश की अवमानना से जुड़े एक मामले में कड़ी कार्रवाई की है। अदालत के निर्देशों का पालन न करने पर नाराजगी जताते हुए सागर डीआईजी (DIG) और दमोह एसपी (SP) के खिलाफ 100-100 रुपये का जमानती वारंट जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की सेवा से जुड़ा हुआ है। 2014 में दी गई थी अनिवार्य सेवानिवृत्ति: याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त एसआई (SI) करण सिंह ठाकुर को वर्ष 2014 में प्रशासन द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी। 2024 में हाई कोर्ट ने रद्द किया था आदेश: याचिकाकर्ता ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद वर्ष 2024 में अदालत ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को खारिज कर दिया। लघु शास्ति देने के थे निर्देश: हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को नौकरी से हटाने के बजाय केवल ‘लघु शास्ति’ (माइनर पेनाल्टी) देने के आदेश दिए थे।
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2 साल बाद भी नहीं हुआ आदेश का पालन
हाई कोर्ट का आदेश आने के 2 साल बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इसका पालन नहीं किया गया। आदेश की अवमानना पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने सख्त रुख अपनाया और अधिकारियों की लापरवाही पर जमानती वारंट जारी कर दिया।
1 सितंबर तक मांगा जवाब
हाई कोर्ट ने सागर डीआईजी और दमोह एसपी को आगामी 1 सितंबर तक अपना जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। अदालत की इस सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।










