चीन, अमेरिका और रूस नहीं… इन 3 देश के राष्ट्राध्यक्ष को मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी, भारत कितने नंबर पर है?

दुनिया में जहां आम लोग महंगाई, नौकरी की सुरक्षा और बढ़ते खर्च से जूझ रहे हैं, वहीं एक देश ऐसा है जहां प्रधानमंत्री की सैलरी में 60 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी होने जा रही है. यह देश है सिंगापुर और प्रधानमंत्री हैं लॉरेंस वोंग. सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री समेत अपने मंत्रियों और अन्य राजनीतिक पदाधिकारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा करने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई करीब 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर, यानी लगभग 27.09 करोड़ रुपये हो जाएगी.
सिंगापुर में इस फैसले को लेकर बहस तेज हो गई है. एक तरफ सरकार इसे देश के लिए योग्य और प्रतिभाशाली लोगों को राजनीति में लाने की जरूरत बता रही है, तो दूसरी तरफ आलोचक इसे आम जनता की आर्थिक परेशानियों के बीच असंवेदनशील फैसला मान रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, ये बढ़ोतरी 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी. इस बढ़ोतरी के बाद सवाल उठता है कि दुनिया में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले राजनीतिक नेता कौन हैं और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस लिस्ट में कहां खड़े होते हैं?
लॉरेंस वोंग पहले स्थान पर हैं
इस लिस्ट में सबसे ऊपर सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग हैं. वर्तमान में उनका सालाना पैकेज करीब 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर था, जिसे बढ़ाकर 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर किया गया है. जिसका मतलब है कि वोंग की कमाई अमेरिकी राष्ट्रपति की 4 लाख डॉलर की सालाना सैलरी से करीब सात गुना है. सरकार का कहना है कि ऊंची सैलरी का मकसद प्राइवेट सेक्टर के प्रतिभाशाली लोगों को राजनीति में आकर्षित करना और भ्रष्टाचार के जोखिम को कम करना है.
हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली
दूसरे नंबर पर हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उनका सालाना पैकेज करीब 7.19 लाख अमेरिकी डॉलर है. तीसरे स्थान पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति हैं. रायटर्स की रिपोर्ट में उनकी सालाना कमाई करीब 6.06 लाख अमेरिकी डॉलर बताई है. स्विट्जरलैंड में राष्ट्रपति का पद रोटेशन के आधार पर मिलता है और संघीय परिषद के सदस्य भी अहम कार्यकारी भूमिका निभाते हैं.
नेताओं की तुलना में काफी ज्यादा वेतन
सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की प्रस्तावित नई सैलरी की तुलना अगर दुनिया के दूसरे बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों से करें, तो तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आती है. वेतन बढ़ने से पहले भी सिंगापुर के प्रधानमंत्री को अमेरिका और कई देशों के नेताओं की तुलना में काफी ज्यादा सालाना वेतन मिलता था. दुनिया के प्रमुख नेताओं की कमाई पर नजर डालें, तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सालाना करीब 4 लाख डॉलर यानी 3.4 करोड़ रुपये है.
रूस के पीएम व्लादिमीर पुतिन की सालाना सैलरी की बात करें, तो रिकॉर्ड के मुताबिक उन्हें लगभग 1,40,000 डॉलर है. यह लगभग 1.16 करोड़ रुपए होते हैं, जानकारी के हिसाब से ये उनकी बेसिक सैलरी है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सालाना वेतन करीब 1.5 लाख युआन, यानी लगभग 20 लाख रुपये बताया जाता है. वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सालाना कमाई करीब 3 करोड़ रूबल, यानी लगभग 3 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है.
ऑस्ट्रेलिया-जापान के पीएम की सैलरी
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को सालाना करीब 60.7 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, यानी लगभग 3.4 करोड़ रुपये का वेतन मिलता है. जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा की सालाना सैलरी करीब 4,000 लाख येन, यानी लगभग 2.3 करोड़ रुपये बताई जाती है. वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करें तो उनकी सालाना सैलरी इन नेताओं की तुलना में काफी कम है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस लिस्ट में कहां हैं?
अलग-अलग रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री की सालाना सैलरी करीब 19.2 लाख से 24 लाख रुपये के बीच बताई गई है. हालांकि, प्रधानमंत्री को मिलने वाला लाभ सिर्फ वेतन तक सीमित नहीं होता. प्रधानमंत्री को आधिकारिक आवास, यात्रा, सुरक्षा, चिकित्सा समेत कई तरह की सरकारी सुविधाएं और भत्ते भी मिलते हैं. इसलिए नेताओं की आर्थिक तुलना करते समय केवल बेसिक सैलरी के बजाय उनके पूरे वेतन पैकेज और मिलने वाली सुविधाओं को ध्यान में रखना जरूरी है.











