गुजरात विधानसभा, कोर्ट और अहमदाबाद के 3 स्कूलों को ईमेल से बम से उड़ाने की मिली फर्जी धमकी

गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य में उस समय हड़कंप मच गया, जब विधानसभा भवन, गांधीनगर जिला एवं सत्र न्यायालय और अहमदाबाद के तीन नामचीन स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। हालांकि, पुलिस और बम निरोधक दस्ते की सघन जांच के बाद यह पूरी खबर महज एक फर्जी अफवाह (होक्स) साबित हुई।

विधानसभा की कार्यवाही रही सुचारू

विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र चल रहा है। सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को प्रशासन को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें विधानसभा भवन में बम होने की बात कही गई थी। धमकी की खबर मिलते ही सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क हो गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी अफरा-तफरी के तत्काल जांच अभियान शुरू किया। प्रशासन की सतर्कता के कारण विधानसभा सत्र की कार्यवाही में कोई रुकावट नहीं आई और काम बिना बाधित हुए चलता रहा। जांच के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिसर पूरी तरह सुरक्षित है और यह ईमेल महज एक अफवाह थी।

कोर्ट परिसर कराया गया खाली

धमकी भरा संदेश केवल विधानसभा तक सीमित नहीं था। गांधीनगर जिला एवं सत्र न्यायालय को भी इसी तरह का ईमेल मिला। एहतियात के तौर पर जजों, वकीलों और याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा बलों ने तुरंत परिसर से बाहर निकाला। इसके बाद डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने पूरे कोर्ट परिसर का चप्पा-चप्पा छाना। गहन तलाशी के बाद कोर्ट को भी सुरक्षित घोषित कर दिया गया।

अहमदाबाद के तीन प्रमुख स्कूलों में जांच

इसी कड़ी में अहमदाबाद शहर के तीन प्रतिष्ठित स्कूलों—बोपाल स्थित डीपीएस (DPS) स्कूल, वेजलपुर स्थित जायडस स्कूल और थलतेज स्थित उदगम स्कूल—को भी बम से उड़ाने की फर्जी खबरें फैलाई गईं। धमकी की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासनों ने त्वरित कार्रवाई की। अभिभावकों को फोन करके तुरंत स्कूल बुलाया गया और बच्चों को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया गया। स्कूल परिसरों को खाली कराकर पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने बारीकी से जांच की।

फिलहाल, साइबर क्राइम पुलिस और स्थानीय प्रशासन इन झूठे और भ्रामक ईमेल भेजने वाले शरारती तत्वों की पहचान करने में जुट गए हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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