वास्तु शास्त्र के हिसाब से किचन में 3 बर्नर वाला गैस स्टोव रखना शुभ या अशुभ? जानिए क्या कहता है

वास्तु शास्त्र में रसोईघर को घर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. यहां अग्नि तत्व का प्रभाव रहता है. वास्तु की मान्यता है कि किचन में रखी चीजों की दिशा का असर घर की ऊर्जा और सुख-समृद्धि पर पड़ सकता है. खासतौर पर गैस चूल्हे को लेकर वास्तु में कुछ नियम बताए गए हैं. अगर आप भी किचन में गैस स्टोव रखते हैं, तो उसकी दिशा और आसपास रखी चीजों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है.
किचन में फ्रिज रखने से लेकर गैस स्टोव को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं. इन्हीं में से एक है कि क्या 3 बर्नर वाला गैस स्टोव रसोई में रख सकते हैं या फिर नहीं. अगर आपको भी ये कंफ्यूजन है, तो आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में गैस स्टोव को लेकर क्या कुछ कहा गया है और आप कितने बर्नर वाला स्टोव रख सकते हैं.
3 बर्नर वाला गैस स्टोव वास्तु?
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, आप किचन में किसी भी संख्या में गैस स्टोव रख सकते हैं. गैस चूल्हे में 2, 3 या 4 बर्नर हो, इससे घर के वास्तु पर कोई असर नहीं पड़ता है. अक्सर ऐसा कहा जाता है कि किसी शुभ कार्य के लिए तीन संख्या सही नहीं मानी जाती है या 3 अंक अशुभ होता है. लेकिन जहां तक वास्तु में गैस स्टोव के बर्नर का सवाल है, तो ये रसोई के लिए सबसे बेस्ट होता है.
धार्मिक मान्यताओं में ब्रह्मा विष्णु महेश तीन देवता हैं. महाकाली, महासरस्वती और महालक्ष्मी तीन देवियां हैं. तीन अंक के स्वामी देव गुरु बृहस्पति को माना जाता है और इसलिए तीन अंक को सबसे शुभ माना जाता है और इसका अशुभ से कोई लेना देना नहीं है. घर में आपकी रसोई किस दिशा में हैं, किचन में चूल्हा किस कोने में रखा है और गैस चूल्हे पर खाना बनाते समय मुंह किस दिशा में रहता है, ये तीनों चीजें ज्यादा जरूरी मानी जाती हैं. जबकि गैस स्टोव में कितने बर्नर हैं, इसका वास्तु से कोई लेना देना नहीं है.
किचन के 3 सबसे जरूरी नियम
गैस स्टोव की दिशा:- गैस स्टोव हमेशा रसोई घर के दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में ही रखना चाहिए, क्योंकि ये अग्नि का स्थान माना जाता है.
खाना बनाते समय दिशा:- वेंटिलेशन या स्टोव की स्थिति ऐसी हो कि खाना बनाते समय व्यक्ति का मुंह पूर्व दिशा की ओर रहे.
बचाव:- भूलकर भी गैस चूल्हे को उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पानी के सिंक के बिल्कुल पास न रखें.











