जांजगीर-चांपा में 16 साल की नाबालिग का बाल विवाह प्रशासन ने रोका, परिजनों को दी कानून की जानकारी

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कमरीद में प्रशासनिक टीम ने समय रहते एक नाबालिग लड़की का बाल विवाह होने से रोक दिया। यह विवाह बुधवार को आयोजित किया जाना था। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच में पाया कि बालिका की उम्र मात्र 16 वर्ष 5 माह है। टीम ने बालिका की शैक्षणिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट) की जांच कर यह पुष्टि की।
अधिकारियों ने बालिका के परिजनों को ‘बाल विवाह निषेध अधिनियम’ के तहत लागू प्रावधानों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि बाल विवाह कराना या उसमें भाग लेना एक दंडनीय अपराध है और ऐसा करने पर दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने बालिका, उसके माता-पिता और ग्रामीणों को बाल विवाह के सामाजिक और मानसिक दुष्परिणामों के बारे में भी समझाया।
टीम के समझाने पर बालिका के माता-पिता ने विवाह रोकने की सहमति दी। स्थानीय लोगों की उपस्थिति में उनसे घोषणा पत्र और राजीनामा पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें यह उल्लेख किया गया कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने बताया कि लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम कानूनी उम्र 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। अधिकारियों ने ग्रामवासियों से अपील की कि वे समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें और ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
इस कार्रवाई के बाद ग्राम कमरीद में बाल विवाह रोकने की प्रशासनिक पहल की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी बाल विवाह के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया है।











