बीकानेर में सरकारी स्कूल की छत गिरी:गर्मियों की छुट्टी में हुआ हादसा; PWD पूरी बिल्डिंग को अनसेफ घोषित कर चुका

बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में गर्वनमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कमरे की छत गिर गई। हादसा गर्मियों की छुटि्टयों के दौरान हुआ। सोमवार सुबह स्कूल स्टाफ स्कूल पहुंचा और कमरे खोले तो घटना का पता चला।
चौंकाने वाली बात यह है कि केवल एक कमरा ही नहीं, बल्कि पूरे स्कूल का भवन जर्जर हो चुका है। एक भी कक्ष बच्चों के बैठने लायक नहीं बचा है।
PWD पहले ही भवन को असुरक्षित घोषित कर चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब स्कूल प्रबंधन बच्चों को पेड़ों की छाया में पढ़ाने को मजबूर है, जबकि ग्रामीणों ने नए भवन के निर्माण और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई है।
छुट्टियों के बाद खुला स्कूल, कक्षा की छत की 10 पट्टियां टूटी मिलीं
प्रधानाचार्य ने बताया कि सोमवार को ग्रीष्मावकाश के बाद जब स्कूल खुला तो स्टाफ कक्षाओं के ताले खोलने पहुंचा। इसी दौरान कक्षा संख्या-7 की छत की 10 पट्टियां टूटी हुई नीचे गिरी मिलीं। मलबा कक्षा में रखी टेबलों और कुर्सियों पर गिरने से फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
एक भी कमरा बच्चों के बैठने लायक नहीं, खुले में होगी पढ़ाई
प्रधानाचार्य ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर घटना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि केवल एक कक्ष ही नहीं, बल्कि स्कूल के अन्य कक्ष भी जर्जर हालत में हैं। स्थिति ऐसी है कि एक भी कक्ष बच्चों को बैठाकर पढ़ाई कराने योग्य नहीं बचा है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने फिलहाल विद्यार्थियों की पढ़ाई खुले में पेड़ों की छाया के नीचे कराने का निर्णय लिया है।
PWD पहले ही भवन को जर्जर घोषित कर चुकी थी
सरपंच प्रतिनिधि गिरधारी सिंह ने बताया कि 22 जून 2026 को आयोजित ग्राम सेवा शिविर में भी स्कूल भवन की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया गया था।
इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने मौके का निरीक्षण कर भवन को जर्जर घोषित कर दिया था। अब एक कमरे की छत की पट्टियां पूरी तरह टूटकर गिर चुकी हैं, जबकि अन्य कमरों की पट्टियां भी अपनी जगह छोड़ चुकी हैं। उनमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने नए भवन और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की
घटना की सूचना मिलने पर सरपंच प्रतिनिधि सहित गांव के कई लोग विद्यालय पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूल के नए भवन का निर्माण कराने, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।











