उत्तराखंड में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 71.58 लाख मतदाताओं के नाम शामिल, छूटे लोगों के लिए चलेगा विशेष अभियान


देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। नई सूची में प्रदेश के 71,58,949 मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इसके बाद भी जिन पात्र लोगों का नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ पाया है, उनके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं की पहचान करेंगे और नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने में उनकी मदद करेंगे।
उत्तराखंड में SIR की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी। उस समय प्रदेश की मतदाता सूची में 79,60,762 नाम शामिल थे। गणना फॉर्म के वितरण और संकलन के बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई, जिसमें मतदाताओं की संख्या 71,33,785 थी। इसके बाद दावे और आपत्तियां ली गईं और उनका निपटारा पूरा होने पर 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया।
फाइनल लिस्ट में 71.58 लाख मतदाता
अंतिम मतदाता सूची में 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इनमें 18 से 19 साल की उम्र के 72,656 मतदाता हैं, जबकि 80 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं की संख्या 1,22,892 है। प्रदेश में कुल 12,543 मतदान केंद्र हैं। दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद 1,29,872 नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए गए हैं, जबकि नियमों के तहत 1,04,708 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
जिनका नाम छूटा, उनके घर जाएंगे BLO
अंतिम सूची जारी होने के बाद अब उन लोगों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनके नाम किसी कारण से मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। बीएलओ मौजूदा मतदाता सूची का SIR से पहले की सूची से मिलान करेंगे। जिन मतदाताओं का नाम पुरानी सूची में था लेकिन नई सूची में नहीं है, उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी।
इसके बाद बीएलओ उनके घर जाकर मौजूदा स्थिति की जानकारी लेंगे। पात्र पाए जाने पर फॉर्म-6 भरवाकर नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद करेंगे। इस दौरान पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं और दूसरे छूटे हुए पात्र मतदाताओं की भी पहचान की जाएगी।
बूथों पर लगेंगे विशेष कैंप
नाम जुड़वाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर और लेबर कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए भी विशेष कैंप लगाए जाएंगे। बीएलओ छूटे हुए मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। इसके बाद ईआरओ भी बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को देंगे, जिससे छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने का एक और मौका मिल सके। जिन लोगों का नाम अभी सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन या अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।











