सराफा व्यापारी गोलीकांड पर अमित जोगी का बड़ा हमला, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही। जिले के कोटमी गांव में सरेराह सराफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या और लूटपाट के मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अमित जोगी ने जिले की कानून-व्यवस्था और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। अमित जोगी ने इस घटना को विचलित करने वाला बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और आरोप लगाया है कि यह हत्याकांड जिले में पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी प्रशासनिक व्यवस्था का सीधा परिणाम है।
सोची-समझी साजिश तो नहीं ?
अमित जोगी ने कहा कि जिले के अलग-अलग जगहों में 115 से अधिक सीसीटीवी कैमरे का बन्द होना तकनीकी खराबी या सोची-समझी साजिश तो नहीं। जिले के मुख्य और अंतरराज्यीय मार्गों पर करोड़ों की लागत से 115 HD सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि घटना के समय एक भी कैमरा चालू नहीं था। यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि अपराधियों और तस्करों को सुरक्षित रास्ता देने की एक सोची-समझी साजिश है, ताकि वे बिना किसी सुराग के फरार हो सकें। गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिला इंटरस्टेट स्मगलिंग का हब और ब्लैक इकोनॉमी का केंद्र बन चुका है
अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा संगठित रैकेट…
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान प्रशासन और सरकार के संरक्षण में यह जिला वैध व्यापार के बजाय पूरी तरह से ब्लैक इकोनॉमी पर निर्भर हो चुका है। यहां अधिकारियों की मिलीभगत से एक संगठित रैकेट चल रहा है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य में 7 प्रमुख अवैध चीजों की एंट्री इसी जिले से हो रही है। अवैध शराब, गांजा, सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स ,कोयला, रेत का अवैध उत्खनन और बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी यहां से गुजरने वाले हर अवैध ट्रक से नीचे से ऊपर तक एक तय कट कमीशन वसूला जा रहा है।
कोटमी की घटना प्रशासनिक नाकामी का सीधा परिणाम…
अमित जोगी ने कहा कि एक लंबे अरसे के बाद हमारे परिवार की जनप्रतिनिधि के रूप में सक्रियता न होने का खामियाजा जनता भुगत रही है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह निरंकुश हो चुका है और जनता में सुरक्षा के बजाय भय का माहौल है। जिस जिले से कभी पूरे प्रदेश की राजनीति तय होती थी, आज वह प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अनाथ महसूस कर रहा है। कोटमी की घटना इसी प्रशासनिक नाकामी का सीधा परिणाम है।
अमित जोगी की प्रमुख मांगें
कोटमी हत्याकांड के दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। जवाबदेही तय हो बंद पड़े सभी 115 सीसीटीवी कैमरों को तुरंत चालू कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। जिले में सक्रिय नशे और तस्करी के इस संगठित सिंडिकेट को तुरंत ध्वस्त किया जाए।











