क्या घुसपैठिए नागरिकता के लिए ‘आधार’ का कर रहे इस्तेमाल? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और राज्यों सरकारों से एक याचिका पर नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा. इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा जारी आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है. याचिका में मांग की गई है कि आधार का इस्तेमाल सिर्फ पहचान की पुष्टि के लिए ही सीमित किया जाए. याचिका में आरोप लगाया गया कि आधार का घुसपैठिए और अवैध प्रवासी अपनी नागरिकता के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.

चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा जारी आधार कार्ड को लेकर सुनवाई की है. इस दौरान बेंच ने केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में केंद्र, राज्यों और चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है ताकि यह पक्का किया जा सके कि आधार का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के सबूत के तौर पर हो, न कि नागरिकता, निवास, पते या जन्मतिथि के सबूत के तौर पर.

याचिका के अनुसार, नए वोटर रजिस्ट्रेशन (फॉर्म-6) में आधार को जन्मतिथि और पते के सबूत के तौर पर लिया जा रहा है. याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह प्रक्रिया कानून के खिलाफ है. यह आधार अधिनियम 2016 की धारा 9, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 23(4) और संविधान के अनुच्छेद 14 का सीधा उल्लंघन है. आधार अधिनियम की धारा 9 साफ कहती है कि आधार नागरिकता या अधिवास का प्रमाण नहीं है. यूआईडीएआई की 22 अगस्त 2023 की अधिसूचना में भी यही बात स्पष्ट की गई थी कि आधार केवल पहचान का प्रमाण है, नागरिकता या जन्मतिथि का नहीं.

घुसपैठिए और अवैध प्रवासी कर रहे गलत इस्तेमाल

याचिका में कहा गया है, “आधार एक्ट, 2016 की धारा 9 साफ तौर पर कहती है कि ‘आधार नागरिकता या निवास का सबूत नहीं है.’ यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा 22 अगस्त, 2023 को जारी एक नोटिफिकेशन में भी यह साफ किया गया है कि ‘आधार पहचान का सबूत है, न कि नागरिकता, पते या जन्मतिथि का सबूत’.” घुसपैठिए और अवैध प्रवासी आधार का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.

किन जगहों पर इस्तेमाल हो रहा आधार कार्ड?

याचिका में कहा गया है, “इसके बावजूद, आधार का इस्तेमाल न सिर्फ स्कूल में दाखिले, प्रॉपर्टी खरीदने और जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज पाने के लिए हो रहा है. उम्र, नागरिकता और निवास का सबूत के तौर पर किया जा रहा है. इतना ही नहीं नए वोटर रजिस्ट्रेशन (फॉर्म-6) के लिए भी जन्मतिथि और निवास के सबूत के तौर पर इसका इस्तेमाल हो रहा है.

वेरिफिकेशन सिस्टम में बड़े बदलाव की

याचिका में चुनावी प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले वेरिफिकेशन सिस्टम में बड़े बदलाव की मांग की गई थी. साथ ही, सुधारों की निगरानी के लिए एक हाई-लेवल मॉनिटरिंग कमिटी बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के साथ-साथ साइबर सिक्योरिटी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स भी शामिल हों.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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