सहायक मत्स्य अधिकारी भर्ती रद्द: हाईकोर्ट ने चयन प्रक्रिया पर लगाई रोक, नियमों की अनदेखी पर नए सिरे से परीक्षा के आदेश

बिलासपुर, 31 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में सहायक मत्स्य अधिकारी भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं और अपने पूर्व आदेशों की अनदेखी पाए जाने के बाद पूरी चयन प्रक्रिया और परीक्षा परिणाम को निरस्त कर दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
2014 की भर्ती से शुरू हुआ विवाद
मामला वर्ष 2014 में सहायक मत्स्य अधिकारी के आठ पदों पर भर्ती से जुड़ा है। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि पात्र होने के बावजूद उन्हें गलत तरीके से अपात्र घोषित कर दिया गया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच तक पहुंचा।
डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सभी अभ्यर्थियों के आवेदनों का समान रूप से पुनर्मूल्यांकन किया जाए। लेकिन विभाग ने सभी उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने के बजाय केवल प्रतीक्षा सूची के एक अभ्यर्थी से तुलना कर प्रक्रिया पूरी कर दी।
हाईकोर्ट ने बताई गंभीर खामियां
जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने कहा कि डिवीजन बेंच के आदेश का उद्देश्य सभी अभ्यर्थियों का निष्पक्ष और समान तुलनात्मक मूल्यांकन कराना था। केवल वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवार से तुलना करना अदालत के आदेश का पालन नहीं माना जा सकता।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि भर्ती नियम 2009 के अनुसार चयन समिति में केवल तीन सदस्य होने चाहिए थे, लेकिन विभाग ने नियमों के विपरीत पांच सदस्यीय समिति गठित कर साक्षात्कार आयोजित किए। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब किसी प्रक्रिया का तरीका कानून में निर्धारित हो, तो उसका पालन उसी रूप में किया जाना अनिवार्य है। नियमों से हटकर अपनाई गई प्रक्रिया पूरी चयन प्रक्रिया को अवैध बना देती है।
चयन परिणाम और सूची रद्द
इन गंभीर कमियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को जारी परीक्षा परिणाम और 19 मई 2025 को प्रकाशित चयन सूची को निरस्त कर दिया है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार नए सिरे से संचालित की जाए।
इस फैसले के बाद सहायक मत्स्य अधिकारी भर्ती से जुड़े सभी अभ्यर्थियों के लिए चयन प्रक्रिया फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।











