बलरामपुर: कुख्यात बादी गैंग का सदस्य था मृतक उमेश सिंह, पिता सहित कई पर दर्ज हैं गंभीर आपराधिक प्रकरण

बलरामपुर: जिले में हाल ही में हुई ज्वेलरी दुकान चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. पुलिस द्वारा चोरी की वारदात का खुलासा करने के बाद गिरफ्तार किए गए कुख्यात बादी गैंग के सदस्य उमेश सिंह की मौत ने प्रशासन और पुलिस दोनों को सवालों के घेरे में ला दिया था. मामला बलरामपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ बीते सप्ताह शहर के प्रतिष्ठित धनंजय ज्वेलर्स में लाखों की चोरी की घटना सामने आई थी. घटना के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जशपुर जिले से 9 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें से एक आरोपी उमेश सिंह था, जो पुलिस के अनुसार लंबे समय से बादी गैंग के साथ सक्रिय था.

बादी गैंग का नेटवर्क कई जिलों में फैला

सूत्रों के अनुसार, मृतक उमेश सिंह और उसके पिता सहित पूरा परिवार बादी गैंग से जुड़ा हुआ है. यह गैंग छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के कई जिलों में सक्रिय है और चोरी, डकैती, लूटपाट जैसी वारदातों को बेहद संगठित और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देता है. पुलिस अभिलेखों में दर्ज मामलों के अनुसार, उमेश सिंह और उसके पिता पर कई गंभीर अपराधों के प्रकरण दर्ज हैं. यह गैंग अक्सर शहरी और ग्रामीण इलाकों में व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बंद मकानों को निशाना बनाती रही है.

गिरफ्तारी के दौरान मिली बड़ी रकम और जेवरात

पुलिस ने बताया कि जब उमेश सिंह को गिरफ्तार किया गया, तब उसके पास से बड़ी मात्रा में नगदी, सोने-चांदी के जेवरात और चोरी में उपयोग किए गए उपकरण बरामद हुए थे. प्रारंभिक पूछताछ में उसने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी. हालांकि, पूछताछ के दौरान उमेश की अचानक तबीयत बिगड़ गई. पुलिस टीम ने तत्काल उसे जिला चिकित्सालय बलरामपुर में भर्ती कराया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

पुलिस कस्टडी में मौत से मचा बवाल

उमेश की मौत की खबर लगते ही उसके परिजन जिला चिकित्सालय पहुंच गए और पुलिस पर मारपीट व प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए. परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया, जिससे उसकी जान चली गई. परिजनों ने मृतक के लिए मुआवजे की मांग और FIR दर्ज करने की अपील की है. इससे जिला मुख्यालय में तनाव की स्थिति बन गई. पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया.

प्रशासन ने की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के आदेश जारी किए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा.


बलरामपुर पुलिस ने कहा कि पुलिस ने मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की है. आरोपी की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता दी गई थी. फिर भी यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

आरोपियों की गिरफ्तारी से बड़ा नेटवर्क उजागर

इस पूरे प्रकरण ने जिले में सक्रिय बादी गैंग के नेटवर्क को उजागर कर दिया है. पुलिस के अनुसार, यह गिरोह चोरी की वारदातों को पेशेवर ढंग से अंजाम देता है और हर घटना के बाद जिले की सीमाओं से बाहर निकल जाता है. कई राज्यों में इनके विरुद्ध आपराधिक रेकॉर्ड दर्ज हैं.
जनता में चर्चा और प्रशासन पर सवाल।फिलहाल, न्यायिक जांच के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन दोनों सतर्क हैं, और मामले की संपूर्ण विवेचना जारी है.