दुर्ग के गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर GST का बड़ा एक्शन : 317 करोड़ की टैक्स-पेनल्टी तय, 90 दिन में करना होगा भुगतान

दुर्ग, 11 अगस्त 2026। दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के कारोबार की करीब पांच साल तक चली जांच के बाद 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश के मुताबिक कारोबारी को निर्धारित राशि 90 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।
पांच साल के कारोबार की जांच के बाद तय हुई राशि
राज्य जीएसटी विभाग की जांच में ‘सितार’ नाम से गुटखा तैयार कर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किए जाने से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। विभाग के अनुसार करीब पांच वर्षों से नेटवर्क के जरिए इस कारोबार को संचालित किया जा रहा था।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और पांच वर्षों के कारोबार की गणना के आधार पर विभाग ने बकाया टैक्स और पेनल्टी की राशि निर्धारित की है।
कोर्ट में चालान पेश, तीन कर्मचारी बने सरकारी गवाह
जीएसटी विभाग के अधिकारियों के अनुसार गुरमुख जुमनानी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। जांच के दौरान उसके तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन कर्मचारियों से एफिडेविट भी लिया गया है, ताकि भविष्य में बयान से मुकरने की स्थिति में उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
12 संपत्तियां विभाग की निगरानी में
जांच के दौरान जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किया है। विभाग के मुताबिक यदि 90 दिनों के भीतर 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी जमा नहीं की जाती है तो इन संपत्तियों को कुर्क कर बकाया रकम की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
छिंदवाड़ा से बुलाया गया था गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने वाला कर्मचारी
जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि ‘सितार’ गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने के लिए मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से एक कर्मचारी को बुलाया गया था। इसके बाद गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की गई।
जुलाई 2025 में दो फैक्ट्रियों पर हुई थी छापेमारी
जीएसटी विभाग की टीम ने जुलाई 2025 में जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में छापा मारा था। जांच के दौरान दोनों फैक्ट्रियों में गुटखे की पैकिंग किए जाने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद विभाग ने कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी से जुड़ी राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री में भी जांच की। यहां गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।
अब 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी के आदेश के बाद कारोबारी के सामने 90 दिनों के भीतर राशि जमा करने की चुनौती है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों की कुर्की कर बकाया रकम की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।











