रिवर्स स्विंग और स्पिन का चक्रव्यूह… गॉल टेस्ट से पहले शुभमन गिल का मास्टरप्लान! ऐसे देंगे श्रीलंका को मात

श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से गॉल में शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों में जुटी हुई है. सोमवार को कोलंबो के नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब (NCC) में आयोजित ऑप्शनल प्रैक्टिस सेशन के दौरान पूरी भारतीय टीम ने हिस्सा लिया, सिर्फ तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को आराम दिया गया था. इस दौरान शुभमन गिल और बाकी बल्लेबाजों ने खास पिच पर तैयारी की, जो गॉल टेस्ट में श्रीलंका की ओर से बनाए जाने वाले रिवर्स स्विंग और स्पिन के चक्रव्यूह को तोड़ने में काम आ सकता है.
खास पिच पर टीम इंडिया की तैयारी
गॉल टेस्ट में मिलने वाली रिवर्स स्विंग और स्पिन गेंदबाजों की चुनौती से निपटने के लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट ने एनसीसी ग्राउंड स्टाफ को खास आदेश दिए थे. टीम ने प्रैक्टिस सेशन में उसी पिच का इस्तेमाल किया, जिस पर तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच खेला गया था. दरअसल, इस पिच को चौथे दिन की परिस्थितियों के तौर पर इस्तेमाल किया गया, जिसमें काफी दरारें थीं. फिर रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार और सारांश जैन जैसे भारतीय स्पिनरों के खिलाफ बल्लेबाजों ने तकनीक और फुटवर्क पर काम किया.
रिवर्स स्विंग के लिए गिल का खास नेट सेशन
उंगली की चोट से उबरकर लौटे कप्तान शुभमन गिल ने नेट्स में काफी खास तैयारी की. गिल सीधे नेट्स पर पहुंचे और थ्रो-डाउन स्पेशलिस्ट्स के साथ प्रैक्टिस की. गिल के थ्रो-डाउन स्पेशलिस्ट्स से खासतौर पर पुरानी और आधी पुरानी कूकाबुरा गेंदों का इस्तेमाल करने को कहा, ताकि रिवर्स स्विंग की परिस्थितियां बनाई जा सकें. करीब 20 मिनट के इस थ्रो-डाउन सेशन के बाद, गिल सेंटर विकेट पर गए और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी की गेंदों का सामना किया. नबी ने भी पुरानी गेंद से गेंदबाजी की ताकि रिवर्स स्विंग की प्रैक्टिस हो सके.बता दें, श्रीलंका की खुरदरी पिचों पर गेंद की चमक तेजी से खत्म होती है, जिसके चलते रिवर्स स्विंग जल्दी देखने को मिलती है. इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया अपने साथ अलग-अलग तरह की कूकाबुरा गेंदें लेकर गई है. ताकी टीम हर तरह से मैच की तैयारी कर सके.










