भाजपा ने औरंगाबाद में यूजीसी बिल का विरोध जताया, सवर्ण एकता मंच का गठन कर किया आंदोलन का शंखनाद

औरंगाबाद: केंद्र सरकार द्वारा 13 जनवरी को लाए गए यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण एकता मंच ने औरंगाबाद में हुंकार भरा है. बीजेपी नेता प्रवीण सिंह के नेतृत्व में शहर के चित्तौड़ नगर में एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई. इस प्रेसवार्ता में भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता मौजूद रहे.
सभी ने एकमत होकर इस बिल का विरोध किया और कहा कि यह बिल हमे कत्तई मंजूर नहीं है. नेताओं ने कहा कि सवर्ण समाज राष्ट हित और देश हित में वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी को देश की बागडोर सौंपी. मगर 2026 में उनकी नीतियां सवर्ण विरोधी हो गई. ऐसी स्थिति में उनके द्वारा थोपे गए इस बिल का हम न सिर्फ विरोध करते है बल्कि जरूरत पड़ी तो पार्टी के समस्त पदों से इस्तीफा देकर अपने आने वाली पीढ़ी के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करेंगे.
उन्होंने बताया कि जवाहर लाल नेहरू के प्रधानमंत्रित्व काल में यह बिल लाया गया था. जिसमें दलितों की भी बात होती थी तो सवर्णों के पक्ष को भी रखा जाता था. मगर मोदी सरकार ने यह बिल सवर्ण के बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने के लिए लाया है, जो न तो नीतिगत है बल्कि संविधान विरोधी भी है. मंच के लोगों ने बताया कि स्वर्ण एकता मंच पूरे देश में अपना विस्तार करेगी और सरकार के समानांतर एक संगठन तैयार करेगी.
जो इस बिल के दायरे में आने वाले लोगों के समर्थन में खड़ा होकर बिल को वापस कराएगी. मंच के सदस्यों ने बताया कि अभी यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है. यदि कोर्ट ने बिल को निरस्त करती है तो ठीक है और यदि नहीं तो बिल वापसी के लिए सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने इस बिल के समर्थन में आगे आने के लिए सभी सवर्ण समाज को भगवान भास्कर की नगरी देव में आयोजित होने वाली महा पंचायत में आने का आह्वान किया है. इस मौके पर सवर्ण एकता मंच के संयोजक सतीश कुमार पाठक, भाजपा नेता प्रवीण कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह, भारतीय जनता पार्टी के सदर प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह,वरीय भाजपा नेता राम केवल सिंह एवं राजकुमार सिंह मौजूद रहे.











