CBSE का स्पष्टीकरण : दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए मुख्य परीक्षा देना अनिवार्य, मेडिकल के बहाने भी नामंजूर

ग्वालियर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं इन दिनों शहर के विभिन्न केंद्रों पर चल रही हैं। इस बीच बोर्ड ने दूसरी परीक्षा को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है, जो हजारों छात्र-छात्राओं के लिए जानना अनिवार्य है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि जो छात्र मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं होंगे, उन्हें किसी भी सूरत में दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दरअसल सीबीएसई के पास देशभर से कई छात्रों और अभिभावकों के अनुरोध पहुंचे थे, जिनमें चिकित्सा कारणों या अन्य निजी वजहों से मुख्य परीक्षा छोड़ने और सीधे दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी। बोर्ड ने इन सभी अनुरोधों को खारिज करते हुए अपनी नीति एक आदेश के तहत स्पष्ट कर दी है।
क्या है सीबीएसई की दूसरी परीक्षा का नियम
इस साल सीबीएसई ने छात्रों के तनाव को कम करने और उनके शैक्षणिक सत्र को बचाने के लिए एक नई व्यवस्था की है। इसके तहत वे छात्र जो मुख्य परीक्षा में शामिल हुए हैं, लेकिन किन्हीं तीन विषयों तक में उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा या वे फेल हो गए हैं, उन्हें ही दूसरी परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।
यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में पास हो जाता है, लेकिन वह अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह भी अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकता है। दूसरी परीक्षा का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जिनकी मार्कशीट में मुख्य परीक्षा का रिकार्ड दर्ज होगा।
क्यों सख्त हुआ बोर्ड
सीबीएसई का मानना है कि यदि छात्रों को सीधे दूसरी परीक्षा में बैठने की छूट दी गई, तो मुख्य परीक्षा की गंभीरता कम हो जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दूसरी परीक्षा केवल सुधार और पूरक उद्देश्यों के लिए है, न कि मुख्य परीक्षा के विकल्प के रूप में। जो छात्र मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें नियमानुसार सीधे अगले साल की मुख्य परीक्षा में ही बैठना होगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
कोई भी पेपर न छोड़ें- यदि आपकी तैयारी पूरी नहीं भी है, तब भी परीक्षा केंद्र पर उपस्थित हों और पेपर हल करें। उपस्थिति दर्ज होना ही आपको दूसरी परीक्षा के लिए पात्र बनाएगी।
अफवाहों से बचें- इंटरनेट मीडिया पर चल रही उन खबरों पर ध्यान न दें जो दावा करती हैं कि मेडिकल सर्टिफिकेट देने पर सीधे दूसरी परीक्षा दी जा सकती है। बोर्ड ने ऐसे दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
समय का सदुपयोग- यदि किसी विषय का पेपर उम्मीद के मुताबिक नहीं गया है, तो निराश होने के बजाय अगले विषयों पर ध्यान दें। आपके पास दूसरी परीक्षा के रूप में एक बैकअप मौजूद है।











