आंगनबाड़ी भर्ती में रिश्वत मांगने का आरोप, एटा के मुख्य विकास अधिकारी निलंबित

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्रा पर रिश्वत मांगने का आरोप सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में वे कथित तौर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये की व्यवस्था करने की बात करते सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से शासन तक पहुंचा और उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ नियम-7 के तहत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है और उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में मुख्य विकास अधिकारी जिले के एक डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान वे प्रत्येक आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये की व्यवस्था करने की बात कहते नजर आते हैं। इस मांग को लेकर बातचीत में असहजता भी दिखाई देती है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो विकास भवन परिसर में रिकॉर्ड किया गया है।

मामला जिले में चल रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा बताया जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह राशि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों से वसूली के रूप में मांगी जा रही थी। हालांकि वीडियो में सीधे तौर पर उम्मीदवारों से पैसे लेने की बात स्पष्ट नहीं है।

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया और मामला लखनऊ तक पहुंच गया। सरकार की ओर से इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई और संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया।

सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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