कुचामन में कल गरजेंगे कॉमरेड अमराराम! दिल्ली कूच से पहले किसान-मजदूर शक्ति प्रदर्शन का बजाएंगे बिगुल

डीडवाना-कुचामन: कुचामन सिटी में कल 1 मार्च को राजनीतिक और किसान आंदोलन की हलचल तेज़ रहने वाली है. सीकर सांसद कॉमरेड अमराराम की अगुवाई में राज्यव्यापी जत्था दोपहर 1 बजे कुचामन सिटी के कृषि उपज मंडी प्रांगण पहुंचेगा, जहां एक विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी. इस जत्थे में प्रदेश और देश के कई प्रमुख किसान नेता भी शामिल होंगे, जिससे कार्यक्रम को व्यापक राजनीतिक महत्व मिल गया है.
आमसभा को संबोधित करते हुए अमराराम के साथ किशन पारीक, पूर्व विधायक कॉमरेड पेमाराम, पूर्व विधायक कॉमरेड बलवान पूनिया, गिरधारी राम माहिया सहित युवा किसान नेता मंगेज चौधरी, निर्मल प्रजापत, भागीरथ यादव और भागीरथ नेतड़ भी अपने विचार रखेंगे. आयोजकों के अनुसार, यह सभा आगामी बड़े आंदोलन की रणनीति को जनता के सामने रखने का मंच बनेगी.
ज्ञात रहे कि Communist Party of India (Marxist) और अखिल भारतीय किसान सभा सहित विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा 24 मार्च को दिल्ली के राम लीला मैदान में विशाल विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है.
कॉमरेड अब्बास खान ने बताया कि इस प्रदर्शन के जरिए मजदूर-विरोधी चार लेबर कोड्स को वापस लेने, बिजली बिल 2025 को रद्द करने, स्मार्ट मीटर योजना पर रोक लगाने और किसान विरोधी बीज बिल 2025 को निरस्त करने की मांग उठाई जाएगी. इसके साथ ही शांति विधेयक 2025 को वापस लेने, राजस्थान में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, अवैध शराब और नशीली दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने, सभी आवासहीनों को घर देने और कच्ची बस्तियों में निःशुल्क पट्टे देने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल है.
आंदोलनकारी संगठनों ने मनरेगा योजना को पुनः बहाल करने, शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना का विस्तार करने, साल में 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और स्थानीय परिवहन व्यवस्था सुधारने की मांग भी रखी है. भूमि अधिग्रहण की स्थिति में 2013 के कानून के प्रावधान लागू करने, जनविरोधी मुक्त व्यापार समझौतों को निरस्त करने तथा प्रदेश में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने की बात भी एजेंडे में शामिल है.
दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर बढ़ते हमलों पर रोक लगाने, नहरी पानी की समुचित व्यवस्था करने तथा प्रदेशभर में सीवर सिस्टम और साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने की मांगों को लेकर यह आंदोलन तेज़ किया जाएगा. कुल मिलाकर, कुचामन की यह सभा आगामी दिल्ली प्रदर्शन की तैयारी का बड़ा पड़ाव मानी जा रही है, जहां से किसान और मजदूर संगठनों की एकजुट आवाज़ प्रदेशभर में गूंजने का संदेश दिया जाएगा.










