कांग्रेस ने लगाया लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप, सरकार पर पक्षपात का भी सवाल

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में जेल में बंद पूर्व मंत्री और छह बार के विधायक कवासी लखमा के इलाज को लेकर कांग्रेस ने सरकार और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लखमा की आंखों की स्थिति खराब है और उनका इलाज जेल में संभव नहीं है, इसके बावजूद उन्हें बाहर अस्पताल में शिफ्ट नहीं किया जा रहा।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और विधायक कुलदीप जुनेजा ने पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम से मुलाकात कर लखमा के इलाज की तत्काल व्यवस्था की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि रायपुर सेंट्रल जेल अस्पताल खुद उन्हें बाहर इलाज की सलाह दे चुका है, लेकिन पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। विकास उपाध्याय के अनुसार, लखमा 66 वर्ष के हैं और वरिष्ठ मंत्री रह चुके हैं, ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि डीजीपी को लिखित में आवेदन दिया गया है और मेकाहारा अस्पताल में इलाज की अनुमति मांगी गई है।

कांग्रेस ने इस मामले में सरकार पर पक्षपात का आरोप भी लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक कारणों से लखमा को सही इलाज नहीं दिया जा रहा है।

उधर, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। भाजपा प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं बल्कि सिर्फ इलाज का है। अगर जेल के डॉक्टरों ने बाहर इलाज की जरूरत बताई है तो व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को अनावश्यक राजनीतिक रंग देना गलत है।

कवासी लखमा को ईडी ने 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। उन पर 2019 से 2023 के बीच एफएल-10A नीति लागू कर अवैध शराब व्यापार को बढ़ावा देने का आरोप है। ईडी का दावा है कि लखमा को हर महीने शराब सिंडिकेट से लगभग दो करोड़ रुपये मिलते थे और उन्होंने करीब 72 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।

फिलहाल लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं और उनके इलाज को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।

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