मीरा-भायंदर में कांग्रेस शिंदे गुट का गठजोड़, बीजेपी के खिलाफ बना संयुक्त मोर्चा

महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र में कांग्रेस और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने मीरा-भायंदर महानगरपालिका में मिलकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ साझा विपक्षी मंच का गठन किया है। इस गठजोड़ से स्थानीय राजनीति में नया सियासी समीकरण सामने आया है और बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
मीरा-भायंदर नगर निगम में दोनों दलों के नगरसेवकों ने मिलकर ‘मीरा-भायंदर सिटी डेवलपमेंट फ्रंट’ के नाम से एक संयुक्त मंच बनाया है। इसका उद्देश्य नगर निगम में बहुमत के दुरुपयोग को रोकना और विपक्ष की भूमिका को मजबूत करना बताया गया है। इससे पहले कल्याण-डोंबिवली, ठाणे और नवी मुंबई में भी बीजेपी और शिंदे गुट के बीच तनाव के संकेत मिल चुके हैं।
शिंदे गुट के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है, बल्कि नगर निगम में जनहित से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने का प्रयास है। नेताओं का कहना है कि शहर के विकास और प्रशासन पर निगरानी रखने के लिए यह मंच बनाया गया है।
वर्तमान में इस विपक्षी मोर्चे में कांग्रेस के 13, शिंदे गुट के 3 और एक निर्दलीय नगरसेवक शामिल हैं। कुल 17 सदस्यों वाला यह समूह नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा, स्थायी समिति में प्रतिनिधित्व और नामांकन से जुड़े अधिकार प्राप्त कर सकता है। जय ठाकुर को इस गुट का नेता चुना गया है।
वहीं, बीजेपी ने इस गठजोड़ पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर शिंदे गुट ने अपनी दोहरी नीति उजागर कर दी है। बीजेपी का आरोप है कि यह कदम वैचारिक समझौते के बजाय राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम राज्य स्तर की सत्ता साझेदारी और स्थानीय निकायों की राजनीति के बीच बढ़ते अंतर को दर्शाता है। मीरा-भायंदर में बना यह नया समीकरण आने वाले समय में नगर निगम की राजनीति को और अधिक रोचक बना सकता है।











