बस्तर में मतांतरण बना विवाद की वजह: शव के अंतिम संस्कार पर अड़े परिजन, ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन ने सुलझाया मामला

बस्तर, 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड स्थित उलनार गांव में मतांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर दो दिनों तक सामाजिक तनाव की स्थिति बनी रही। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच चर्चा के बाद मामला शांत हुआ और महिला का अंतिम संस्कार ईसाई कब्रिस्तान में कराया गया।
जानकारी के अनुसार, उलनार गांव की 62 वर्षीय लखी कश्यप का निधन हो गया था। परिजन उनका अंतिम संस्कार गांव के पारंपरिक मुक्तिधाम में करना चाहते थे। इस पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मतांतरण के बाद अंतिम संस्कार संबंधित धर्म के कब्रिस्तान में ही होना चाहिए। विवाद बढ़ने के कारण महिला का शव करीब दो दिनों तक घर में ही रखा रहा, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरनार थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी संतोष सिंह की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा हुई। बातचीत के बाद परिजन करकापाल स्थित ईसाई कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार कराने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद शांतिपूर्ण तरीके से दफन की प्रक्रिया पूरी कराई गई और गांव में स्थिति सामान्य हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय में इस तरह का यह दूसरा मामला है। उनका तर्क है कि गांव की पारंपरिक व्यवस्था और सामाजिक निर्णयों का पालन होना चाहिए। वहीं प्रशासन ने समझाइश और आपसी सहमति के जरिए विवाद का समाधान कराया।
बस्तर संभाग में पिछले कुछ वर्षों से मतांतरण, अंतिम संस्कार, ग्रामसभा के निर्णय और सामाजिक परंपराओं को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। हाल के महीनों में नारायणपुर, कांकेर और अन्य आदिवासी क्षेत्रों में भी ऐसे मामले चर्चा में रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन संवेदनशील इलाकों में लगातार नजर बनाए हुए है।











