बलिया में ‘सिलेंडर संग्राम’: कतारों में खड़ी जनता, सड़कों पर उतरा विपक्ष; क्या ‘नोटबंदी’ वाले दिन लौट आए?

बलिया: देशभर में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है. जहाँ एक तरफ चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं और जनता ‘त्राहिमाम’ कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बागी बलिया की धरती पर इस मुद्दे ने प्रचंड राजनीतिक रूप ले लिया है. सपा, बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने लामबंद होकर सत्ता पक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
सपा का तीखा हमला: ‘अडानी-अंबानी या एप्सटीन फाइल… सरकार बताए मजबूरी क्या है?
सहतवार नगर पंचायत के अध्यक्ष प्रतिनिधि और दिग्गज सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने सवाल दागा कि आखिर क्या मजबूरी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत को आदेश दे रहे हैं? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि सरकार की इस बेबसी के पीछे अडानी-अंबानी का हाथ है या ‘एप्सटीन फाइल’ का खौफ? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो स्थितियां बेकाबू हो जाएंगी.
आम आदमी पार्टी की हुंकार: कंधे पर सिलेंडर और पीएम से इस्तीफे की मांग
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया. सिलेंडर लेकर सड़क पर उतरे ‘आप’ नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को पत्रक सौंपा. इस दौरान नेता अजय राय मुन्ना ने प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग तक कर डाली.
कांग्रेस का ‘गुड़-पानी’ अभियान: लौट आई नोटबंदी की याद!
सबसे भावुक तस्वीर कांग्रेस खेमे से आई, कांग्रेस नेता सागर सिंह राहुल अपने समर्थकों के साथ उन गैस एजेंसियों पर पहुंचे, जहां लोग चिलचिलाती धूप में घंटों से कतार में खड़े थे. लोगों का हाल जानते हुए सागर सिंह ने लाइन में लगे बुजुर्गों और महिलाओं को गुड़ खिलाकर पानी पिलाया. उन्होंने कहा आज की ये लंबी कतारें नोटबंदी के काले दिनों की याद दिला रही हैं. जुमलेबाज सरकार के दावे धरातल से गायब हैं और आम आदमी एक अदद सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहा है.
बड़ा सवाल: सियासत और जनता के बीच पिसता आम आदमी
बलिया में जिस तरह विपक्ष ने एकजुट होकर हमला बोला है, उससे साफ है कि भाजपा सरकार के खिलाफ उन्हें एक बड़ा और संवेदनशील मुद्दा मिल गया है. जहां नेता एक-दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं, वहीं धूप में खड़ा आम आदमी बस इस उम्मीद में है कि कब उसका सिलेंडर भरेगा और कब उसके घर की रसोई फिर से दहकेगी.











