नोएडा इंजीनियर युवराज की मौत: आपदा प्रबंधन की लापरवाही उजागर, SDRF की कार्यप्रणाली पर सवाल

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने उत्तर प्रदेश के आपदा प्रबंधन तंत्र की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन गया है, बल्कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की तैयारी और प्रशिक्षण पर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, युवराज की कार निर्माणाधीन परियोजना के पास बने एक गहरे और पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। हादसे के बाद युवराज करीब दो घंटे तक कार की छत पर खड़े होकर मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद मांगते रहे, लेकिन समय पर प्रभावी बचाव कार्य नहीं हो सका। आखिरकार उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बचाव कार्य में गंभीर चूक
घटना के दौरान मौके पर कई एजेंसियां मौजूद थीं, लेकिन बचाव कार्य बेहद धीमा और अव्यवस्थित रहा। आरोप है कि रेस्क्यू टीम के कई सदस्य पानी में उतरने तक से हिचक रहे थे। न तो उनके पास पर्याप्त उपकरण थे और न ही जल-आपदा से निपटने का समुचित प्रशिक्षण।
विशेष रूप से SDRF पर आरोप लगे हैं कि:
टीम के कई सदस्य तैराकी में प्रशिक्षित नहीं थे
लाइफ जैकेट, रस्सी, नाव और अन्य जरूरी उपकरणों की कमी थी
आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में असफलता रही
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया है। निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही के आरोप में कार्रवाई की जा रही है। कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई है। साथ ही पर्यावरण और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
युवराज की मौत को लेकर विपक्षी दलों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर सरकार और प्रशासन की कड़ी आलोचना हो रही है। कई नेताओं ने SDRF और अन्य आपदा प्रबंधन इकाइयों के पुनर्गठन, बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों की मांग की है।

यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की अनदेखी और कमजोर आपदा प्रबंधन किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है। युवराज की मौत ने सिस्टम की लापरवाही की भारी कीमत चुका दी है, जिस पर अब जवाबदेही तय करना जरूरी हो गया है।

jagjaahir desk

जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
close
Virus-free.www.avast.com