डिप्टी सीएम पहुंचे नक्सली हिड़मा के घर, मां से की मुलाकात – बोले ‘बेटा लौट आए, सरकार देगी सुरक्षा’

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पुवर्ती पहुंचे। विजय शर्मा ने हिड़मा की मां से मुलाकात कर उन्हें बेटे को मुख्यधारा में लौटने की अपील करने को कहा।
गृह मंत्री विजय शर्मा रविवार को खुद बाइक से हिड़मा के गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बातचीत की। उन्होंने गांव में ही हिड़मा की मां से मुलाकात की और उनके घर पर भोजन भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “अब हिंसा का कोई अर्थ नहीं रह गया है। सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के लिए दरवाजे खोल चुकी है। आपका बेटा लौट आए, यही सबसे अच्छा रास्ता है।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अगर हिड़मा आत्मसमर्पण करता है, तो उसे सुरक्षा और पुनर्वास की पूरी गारंटी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि जो भी नक्सली हिंसा छोड़ना चाहता है, उसे सम्मानपूर्वक समाज में दोबारा बसाया जाए।
हिड़मा बस्तर का सबसे कुख्यात नक्सली कमांडर माना जाता है। वह पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की बटालियन नंबर 1 का प्रमुख है और कई बड़े हमलों में उसका नाम सामने आ चुका है। इनमें 2010 का ताड़मेटला हमला, 2017 का बुरकापाल हमला और 2023 का अरनपुर आईईडी ब्लास्ट शामिल हैं। केंद्र सरकार ने उस पर 40 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है।
विजय शर्मा की यह यात्रा बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में सरकार की पहल मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए नई नीति तैयार कर रही है, जिसमें रोजगार, सुरक्षा और पुनर्वास की गारंटी दी जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने गृह मंत्री के इस कदम की सराहना की और कहा कि अगर सरकार और प्रशासन इस तरह का भरोसा बनाए रखे, तो कई नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट सकते हैं।










