मैहर की SI ने DNA रिपोर्ट निगेटिव होने के बावजूद मासूम के दरिंदे को दिलाई सजा: भोपाल में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित

मैहर: मैहर जिले की पुलिस उपनिरीक्षक (SI) लक्ष्मी बागरी ने अपनी सूझबूझ और उत्कृष्ट विवेचना (investigation) से पूरे प्रदेश में जिले का नाम रोशन किया है. भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय ‘उत्कृष्ट विवेचना’ कार्यक्रम में लक्ष्मी बागरी को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया है. उन्होंने एक ऐसे पेचीदा मामले को सुलझाया जिसमें वैज्ञानिक साक्ष्य (DNA रिपोर्ट) पक्ष में न होने के बावजूद, उन्होंने अपनी तार्किक जांच और साक्ष्यों के दम पर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया.
55 जिलों के अधिकारियों के बीच मारी बाजी
राजधानी भोपाल में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 55 जिलों के एएसपी से लेकर सहायक उपनिरीक्षक स्तर तक के अधिकारियों ने भाग लिया था. सभी अधिकारियों ने अपने उन चुनौतीपूर्ण प्रकरणों को निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुत किया, जिनमें बेहतर जांच के कारण न्यायालय ने आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई थी. लक्ष्मी बागरी ने अपनी कार्यकुशलता और प्रस्तुतीकरण से चयन समिति को गहराई से प्रभावित किया और पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया.
विशेष डीजी ने किया सम्मानित, 5 हजार का नगद इनाम
लक्ष्मी बागरी की इस असाधारण उपलब्धि पर उन्हें स्पेशल डीजी अनिल कुमार ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। विभाग की ओर से उन्हें पुरस्कार स्वरूप 5,000 रुपए की राशि भी प्रदान की जाएगी। यह सम्मान उनकी सूक्ष्म जांच क्षमताओं और कानूनी बारीकियों पर उनकी पकड़ का प्रमाण है.
मामला: 5 साल की मासूम को न्याय दिलाने की चुनौती
लक्ष्मी बागरी ने साल 2023 में मैहर के थाना अमदरा में दर्ज एक पॉक्सो एक्ट के मामले की विवेचना पेश की थी.
घटना: 3 मार्च 2023 को एक 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था.
चुनौती: बच्ची की उम्र बहुत कम थी और शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट व DNA रिपोर्ट निगेटिव आने के कारण आरोपी के बचने की पूरी गुंजाइश थी.
सफलता: लक्ष्मी बागरी ने हार नहीं मानी और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों व गवाहों को इतनी मजबूती से पिरोया कि अदालत के पास आरोपी को दोषी मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा.
आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास
पुलिस और अभियोजन की इसी सटीक पैरवी का परिणाम रहा कि माननीय न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया.
मैहर पुलिस के लिए गौरव का क्षण
लक्ष्मी बागरी की इस सफलता पर मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है. जिले के आला अधिकारियों का कहना है कि इस सम्मान से अन्य पुलिसकर्मियों को भी साक्ष्य आधारित और संवेदनशील विवेचना करने की प्रेरणा मिलेगी. यह जीत केवल एक अधिकारी की नहीं, बल्कि न्याय की जीत है.











