12 लाख में बिका DI का पेपर? महाराष्ट्र में MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती पर रोहित पवार का बड़ा आरोप, जांच की मांग

नीट पेपर लीक का मामला अभी शांत ही नहीं हुआ था कि राज्य में एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के ड्रग इंस्पेक्टर (डीआई) भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले का मामला सामने आया है। राकां (एसपी) विधायक रोहित पवार ने नया बम
फोड़ा है। उन्होंने बार्शी का हवाला देते हुए बीजेपी नेता के कनेक्शन का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि डीआई परीक्षा के पेपर की कीमत 12 लाख रुपये थी। 5 लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे और 7 लाख रुपये बाद में दिए जाने थे। इन आरोपों के बाद एमपीएससी भी नींद से जाग गया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रोहित पवार ने सोमवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि टीईटी घोटाले का आरोपी बीजेपी से जुड़ा है और एक नेता के फाइनेंशियल मामले संभाल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में साल 2026 में टीईटी, नीट और एसआरपीएफ पेपर लीक हुए थे।
पेपर लीक से अधिकारी बनेंगे तो क्या होगा
रोहित ने कहा कि एफडीए में ड्रग इंस्पेक्टर का पेपर लीक हुआ था। यदि ऐसे ही पेपर लीक से अधिकारी बनेंगे तो क्या होगा। कुछ दिन पहले पता चला था कि खांसी की दवा से 22 बच्चों की मौत हो गई थी तो ऐसे अधिकारियों की वजह से ही इस तरह की घटनाएं होंगी।
नंदुरबार में कौटिल्य एकेडमी नाम की एक क्लास है। उस क्लास से एक आदमी ने पेपर लीक किया। यह नहीं कहा जा सकता कि पूरा एमपीएससी पेपर लीक हुआ लेकिन जिसने पेपर सेट किया, उसने लीक किया। जिसने पेपर लीक किया, जिसे उसने पेपर दिया, वह उसे वाट्सएप से उन लोगों को भेज रहा था और 5 मिनट बाद डिलीट कर रहा था।
शिकायतकर्ता छात्र को ही धमकी
रोहित पवार ने कहा कि एक नायब तहसीलदार के बेटे की 13वीं रैंक (149 मार्क्स) और लड़की की 16वीं रैंक (148 मार्क्स) आई क्या यह इत्तेफाक है? कट ऑफ लिस्ट 105 थी। फिर भी 103 मावर्स पाने वाले कैंडिडेट को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, किस पर प्रेशर था? हमें इसमें बार्शी कनेक्शन के बारे में पता चला है। एक छात्र ने एमपीएससी में शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा छात्र पर ही कार्रवाई की धमकी पुलिस दे रही है।











