सरकारी कार्यक्रमों में तमिल एंथम अनिवार्य, विधानसभा में DMK-AIADMK ने भी दिया साथ,

इस प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार तमिलनाडु के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी.
विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए CM विजय ने कहा कि हमारी मातृभाषा उतनी ही पवित्र है जितनी हमारी मां. CM विजय ने आगे कहा कि “तमिल सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारा जीवन और हमारी भावनाएं भी है”. उन्होंने विधायकों से इस कदम का समर्थन करने के लिए राजनीतिक मतभेदों को भुलाने की अपील की. इस बात को लेकर कोई राजनीतिक बहस नहीं होनी चाहिए.
तमिलनाडु विधानसभा में राज्य गीत से जुड़ा अहम प्रस्ताव सोमवार को पारित कर दिया गया है. इस प्रस्ताव में राज्य के शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले राज्य गीत ‘तमिल थाई वाजथु’ औपचारिक रूप से अनिवार्य करने की बात कही गई है.
यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय की उस हालिया सलाह के बाद उठाया गया है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 28 जनवरी के उसके निर्देश का ‘सख्ती से पालन’ करने को कहा गया था. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के गायन की बात कही गई थी.











