1,585 दिन बाद साकार हुआ सपना: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, दो माह में शुरू होंगी उड़ानें

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया है, हालांकि यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने में अभी करीब दो महीने का समय लगेगा। इस परियोजना को जमीन से हकीकत बनने तक पहुंचने में कुल 1,585 दिन लगे, जबकि निर्माण कार्य रिकॉर्ड 1,367 दिनों में पूरा किया गया।

इस एयरपोर्ट की खास बात यह भी रही कि देश में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी एक ही प्रधानमंत्री—नरेंद्र मोदी—ने इसका शिलान्यास और उद्घाटन दोनों किया। 25 नवंबर 2021 को रखी गई नींव के बाद जून 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और तेजी से पहले चरण को पूरा किया गया।

एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। कुल पांच रनवे प्रस्तावित हैं, जिनमें से पहले चरण में एक रनवे तैयार हुआ है। इस पर सालाना करीब 1.20 करोड़ यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। वर्ष 2030 तक यहां दो रनवे और तीन करोड़ यात्रियों की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है, जबकि 2040 तक यह आंकड़ा सात करोड़ तक पहुंचाने की योजना है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एयरपोर्ट परिसर में पांच स्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। साथ ही अग्निशमन सेवाओं के लिए दो नए केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें आधुनिक सुविधाएं और पर्याप्त स्टाफ तैनात रहेगा। एयरपोर्ट सुरक्षा के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और भविष्य में वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए भी विशेष योजना तैयार की गई है।

उद्घाटन समारोह के दौरान हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थोड़ी अव्यवस्था भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री के संबोधन के अंतिम समय में भीड़ बैरिकेडिंग पार कर वीवीआईपी और वीआईपी क्षेत्र तक पहुंच गई, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर होती नजर आई।

इस एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। उद्योग, व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

व्यापारियों और उद्यमियों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि अब उन्हें दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे अपने उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। खासतौर पर टेक्सटाइल और निर्यात क्षेत्र को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि यह पश्चिमी यूपी के विकास को नई दिशा देने वाला अहम कदम साबित हो सकता है।

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