छत्तीसगढ़ में ठंडी हवाओं का असर, पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 9°C तक गिरा, लोग अलाव पर निर्भर

छत्तीसगढ़ में सर्द हवाओं ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। पेंड्रा और अमरकंटक क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को झकझोर दिया है। इस सीजन पहली बार पेंड्रा का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरकर 9 डिग्री तक पहुंच गया। ठंड के कारण लोग अलाव और गर्म कपड़ों पर निर्भर हैं।

पेंड्रा और अमरकंटक के साथ ही सरगुजा संभाग में भी मौसम ने रुख बदल दिया है। सुबह-सुबह ठंडी हवाओं के चलते लोग घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि अलाव और हीटर की बिक्री में पिछले दिनों की तुलना में तेजी आई है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। ठंड से बचने के लिए ग्रामीण और शहरवासियों को सतर्क रहने और अलाव का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में भी ठंड का असर देखा जा रहा है।

अमरकंटक क्षेत्र में लोगों ने बताया कि सुबह-सुबह बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं, पेंड्रा में कई परिवार अलाव के पास समय बिता रहे हैं। बाजारों में गर्म चाय और पारंपरिक स्नैक्स की मांग बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर पूरे मध्य भारत में देखने को मिल रहा है, जिससे रात का तापमान सामान्य से 1-2 डिग्री कम रहा।

सरकारी विभाग ने ग्रामीण इलाकों में अलाव और गर्म कपड़े वितरण की तैयारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सर्दी से बचाव के उपाय अपनाएं और संवेदनशील लोगों, जैसे बच्चे और बुजुर्ग, विशेष ध्यान रखें।

इस दौरान पेंड्रा के आसपास के क्षेत्रों में सड़क और यातायात पर भी ठंड का असर देखा जा रहा है। वाहन चालकों को धुंध और ठंड से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस सीजन की सबसे ठंडी रात के चलते अगले कुछ दिनों में भी तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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