फर्जी पुलिस गैंग गिरफ्तार, RTO स्क्वॉड बनकर हाईवे पर लूट की थी तैयारी!

ग्वालियर।क्राइम ब्रांच ने बुधवार रात एक बड़े फर्जी पुलिस गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस गैंग में एक फर्जी टीआई, दो फर्जी कॉन्स्टेबल और एक ड्राइवर शामिल थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

ये शातिर अपराधी RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) स्क्वॉड बनकर हाईवे पर अवैध वसूली के लिए गश्त पर निकलने वाले थे। पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र बरामद किए हैं।

इस फर्जीवाड़े की सूचना वैभव पाल, जो एक ऑनलाइन शॉप संचालक हैं, ने दी। वैभव ने बताया कि शिवम चतुर्वेदी नामक एक युवक खुद को एसपी ऑफिस में पदस्थ टीआई बताकर उनके चाचा की ऑनलाइन दुकान से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करवा रहा था।

जब शिवम ने बुधवार को तीन और नियुक्ति पत्र बनवाने के लिए कॉल किया और मना करने पर धमकाने लगा, तो वैभव ने तुरंत क्राइम ब्रांच को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही डीएसपी क्राइम ब्रांच नागेन्द्र सिंह सिकरवार और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई की। जैसे ही फर्जी गैंग के सदस्य एक कार से नियुक्ति पत्र लेने पहुंचे, क्राइम ब्रांच ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ लिया।

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में पकड़े गए चारों संदेही मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले हैं। शिवम चतुर्वेदी (फर्जी टीआई), पवन यादव (फर्जी कॉन्स्टेबल),नीरज यादव (फर्जी कॉन्स्टेबल)रविन्द्र यादव (ड्राइवर)

जांच में यह भी पता चला कि शिवम ने पवन और नीरज को 40-40 हजार रुपये देकर फर्जी कॉन्स्टेबल बनाया था, और रविन्द्र की कार को 55 हजार रुपये महीने के एग्रीमेंट पर किराए पर लिया था। उनकी कार से वर्दी और फर्जी नियुक्ति पत्र भी बरामद हुए हैं।

आज रात से शुरू करने वाले थे वसूली

पूछताछ में फर्जी टीआई शिवम ने खुलासा किया कि वे बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात से ही हाईवे पर RTO दल बनकर चेकिंग और अवैध वसूली का काम शुरू करने वाले थे, लेकिन समय रहते क्राइम ब्रांच ने उन्हें दबोच लिया। एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या इस गैंग ने पहले भी इसी तरह के अपराध किए हैं।

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