फतेहपुर: शादी से पहले उठी पिता की अर्थी, बीएलओ ने फांसी लगाकर दे दी जान

फतेहपुर: बेटी की शादी में अब बस कुछ ही दिन बाकी थे, घर में शहनाई की तैयारी होनी थी… रिश्तेदारों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी. लेकिन इससे पहले ही घर से अर्थी उठ गई. बिंदकी क्षेत्र से आई इस खबर ने पूरे जनपद को झकझोर दिया है. आलियाबाद स्थित प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में 45 वर्षीय शिक्षामित्र अखिलेश का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला.

जिम्मेदारियों का बोझ या सिस्टम की मार?

प्राथमिक विद्यालय आलियाबाद में तैनात शिक्षामित्र अखिलेश (पुत्र शिव स्वरूप उर्फ भोला) शनिवार शाम करीब 4 बजे विद्यालय परिसर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटके मिले. परिजनों का कहना है कि उनकी पुत्री दिव्यांशी की शादी 8 मार्च को तय थी. घर में तैयारियों के बीच वे लगातार मानसिक दबाव में थे. बताया जा रहा है कि उनकी ड्यूटी एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) कार्य में लगी थी. परिजनों के अनुसार, शादी की तैयारियों और छुट्टी को लेकर चल रही चिंता ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया था. हालांकि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है.

स्कूल के कमरे में लटका मिला शव

शनिवार को आसपास के लोगों ने विद्यालय के एक कमरे में उन्हें फंदे से लटका देखा तो हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदकी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले की जांच जारी है.

परिवार में मचा कोहराम

जिस घर में बेटी की विदाई की तैयारी होनी थी, वहां मातम पसरा है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बेटी दिव्यांशी के हाथों में मेंहदी रचने से पहले ही पिता का साया उठ गया. पूरे गांव में शोक की लहर है.

घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्या जिम्मेदारियों का बोझ इतना भारी हो गया है कि एक पिता टूट जाए? क्या ड्यूटी और पारिवारिक दबाव के बीच फंसे कर्मचारियों की मानसिक स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाएगा? पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है.

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