दुर्ग में किराए के मकान में पिता-पुत्र ने जहर खाकर दी जान, कमरे में मिले दोनों के शव

छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में कोतवाली थाना क्षेत्र के आपापुरा स्थित भोईपारा इलाके में पिता और पुत्र ने कथित रूप से जहर खाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार सुबह किराए के मकान के कमरे में दोनों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 70 वर्षीय अरुण टंडिया और उनके 35 वर्षीय बेटे पंकज टंडिया के रूप में हुई है। दोनों कुछ महीने पहले ही भोईपारा में किराए के मकान में रहने आए थे। इससे पहले वे शहर के किसी अन्य इलाके में रहते थे।
शनिवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। आसपास के लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद स्थानीय पार्षद को सूचना दी गई, जिन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया। कमरे के अंदर बेड पर पिता और पुत्र के शव पड़े मिले। दरवाजा अंदर से बंद था।
जांच के दौरान पुलिस को बाथरूम से जहर की एक शीशी भी बरामद हुई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने जहर खाकर आत्महत्या की है। पुलिस आसपास के लोगों और मकान मालिक से पूछताछ कर रही है। पड़ोसियों के अनुसार अरुण टंडिया उम्रदराज होने के कारण अधिकतर समय घर पर ही रहते थे, जबकि उनका बेटा पंकज मजदूरी करके घर का खर्च चलाता था। बताया जा रहा है कि पंकज की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती थी और उसे मिर्गी की बीमारी थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पंकज की मां की करीब छह महीने पहले मौत हो गई थी। मां के निधन के बाद पिता और बेटा दोनों अकेले ही रह रहे थे। घर में खाना बनाने की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए दोनों के लिए रोज टिफिन सेंटर से खाना आता था। शुक्रवार शाम को भी पंकज टिफिन लेकर घर आया था और रात में दोनों ने खाना खाया था।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में बीमारी और आर्थिक परेशानियों के कारण आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि मृतक अरुण टंडिया की बेटी जगदलपुर में रहती है और उसके पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।











