भारत समेत कई देशों में गैस-तेल का संकट, युद्ध छेड़ने वाले अमेरिका और इजराइल में क्या हाल?

तेल और गैस ग्लोबल मार्केट है. जब एक जगह कीमतें बढ़ती हैं, तो वे हर जगह बढ़ती हैं. ईरान और इजराइल-अमेरिका की जंग ने तेल की कीमतों को काफी बढ़ा दिया है. गैस का भी बुरा हाल हो गया है. स्ट्रेट ऑप होर्मुज के बंद होने से सप्लाई पर असर पड़ा है. भारत समेत कई देश इस संकट से जूझ रहे हैं. ये सब कुछ हुआ है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले से. जंग को लेकर उनकी जिद्द ने पूरी दुनिया को तेल और गैस के संकट में धकेल दिया है. सवाल उठता है कि ट्रंप ने अपने निर्णय से लोगों की मुसीबतें तो बढ़ा दी, लेकिन खुद उनके देश में तेल और गैस को लेकर क्या हाल है. इसके अलावा क्या इजराइल में गैस और तेल का संकट है, आइए जानते हैं.

तेल और गैस का बड़ा एक्सपोर्टर अमेरिका

अमेरिका तेल, गैस और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक बड़ा प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर है. अमेरिका हर दिन औसतन 6 मिलियन बैरल से ज्यादा रिफाइंड प्रोडक्ट्स और 4 मिलियन बैरल से ज़्यादा कच्चा तेल एक्सपोर्ट करता है. हालांकि वो अभी भी कुछ कच्चा तेल इंपोर्ट करता है, जिसमें से ज्यादातर कनाडा से आने वाला हेवी ऑयल है जिसे अमेरिका गल्फ कोस्ट पर कुछ अमेरिकी रिफाइनरियों में हैंडल किया जाता है.

उन इंपोर्ट को मिलाकर अमेरिका का नेट ऑयल ट्रेड बैलेंस हर दिन 2.8 मिलियन बैरल पॉज़िटिव है, जबकि 2000 के दशक के बीच में बैलेंस में हर दिन 12 मिलियन बैरल की कमी थी. अमेरिका का प्रोडक्शन 32 राज्यों से आता है.

हालांकि ज्यादातर सबसे बड़े प्रोड्यूसर टेक्सास, न्यू मैक्सिको, नॉर्थ डकोटा, अलास्का, ओक्लाहोमा और कोलोराडो हैं. क्योंकि यह रेवेन्यू अमेरिका की कंपनियों को आता है, इसलिए देश का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट पहले की तुलना में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से कम प्रभावित होता है.

अमेरिका में बढ़ गए गैस के दाम

अमेरिका भले ही दुनिया को तेल और गैस बेचता है लेकिन जंग के कारण उसके यहां पर गैस की कीमतें बढ़ रही हैं. एक डेटा के अनुसार, रेगुलर गैसोलीन के एक गैलन का नेशनल एवरेज एक हफ्ते में 14% बढ़कर $3.41 से ज्यादा हो गया.

एक हफ्ते पहले कीमत $3 से कम थी, लेकिन लड़ाई की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई रुक गई है, जिससे कच्चा तेल $90 प्रति बैरल से ऊपर चला गया है. पिछली बार इसी तरह की उछाल मार्च 2022 में रूस-यूक्रेन जंग की शुरुआत के दौरान हुई थी.

इजराइल में क्या हाल?

इजराइल एक प्रमुख गैस उत्पादक है. इजराइल के एनर्जी मिनिस्ट्री के एक प्रवक्ता ने कहा था कि ईरान के हमलों के बीच प्रोडक्शन कम करने के बाद इजराइल ने नैचुरल गैस का एक्सपोर्ट रोक दिया. उन्होंने आगे कहा कि कुछ नैचुरल गैस फील्ड्स का ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिया गया है. इजराइल मिस्र और जॉर्डन को पाइपलाइन गैस का एक मुख्य एक्सपोर्टर है. इजराइल में तेल और गैस संकट की खबरें भी नहीं सामने आई हैं.

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