‘Gen-Z’ को प्राथमिकता देते हुए संघ ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया, न्यू जनरेशन पर फोकस करने विशाखापट्टनम की बैठक में बनेगा प्लान

जंतर-मंतर के साथ ही रांची में हुए छात्र आंदोलन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी अब Gen Z की ताकत को समझने लगा है, जिसे लेकर RSS का रुझान इसकी तरफ बढ़ने लगा है.
विशाखापत्तनम में सरसंघचालक व सरकार्यवाह की मौजूदगी में भाजपा, एबीवीपी समेत 32 संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों की अखिल भारतीय समन्वय बैठक आज 19 अगस्त से 21 अगस्त के बीच होने जा रही है. RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक आज से विशाखापट्टनम में शुरू होगी. जनसंख्या असंतुलन, जनसांख्यिकी बदलाव, युवाओं में नशा और भारतीय विकास मॉडल पर चर्चा होगी.
संघ परिवार का मुख्य ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि ‘जनरेशन जी’ (Gen-Z) और नई पीढ़ी के छात्रों को सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों से किस प्रकार मजबूती से जोड़ा जाए. बैठक में कुल 327 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है. इस बैठक के दौरान युवाओं को केंद्र में रखते हुए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा.
RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, बैठक में युवाओं को नशे से दूर रखने के उपायों और आने वाले समय में संघ प्रेरित संगठनों द्वारा इस दिशा में किए जाने वाले प्रयासों पर गहन चर्चा होगी. इस बैठक में युवा आंदोलनों के साथ शिक्षा व परीक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी दिक्कतों व अपेक्षाओं के साथ उनके लिए बड़ा मुद्दा बन रहे रोजगार पर भी चर्चा होगी. जेन-जी का दिल और दिमाग पढ़ने के लिए आरएसएसए विशाखापत्तनम में खास वर्कशॉप आयोजित करने जा रही है.
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत द्वारा युवाओं को दिए गए संदेश और उनकी अपेक्षाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए संघ अब अपने व्यापक ‘यूथ प्लान’ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों को अब युवा लक्षित करने पर विशेष जोर है.











