Gold vs Silver vs Nifty, आपके पोर्टफोलियो में कौन है ‘मुनाफे का किंग’?

मौजूदा समय में शेयर बाजार में उतार चढ़ाव काफी देखने को मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर सोना और चांदी के दाम अपने पीक से काफी नीचे आ चुकी हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन निवेशकों को इक्विटी, गोल्ड और सिल्वर में फंड एलोकेट करने में मुश्किल हो रही है, वे पुराने गोल्ड-सिल्वर रेश्यो और निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो का इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए आपको भी इसके बारे में विस्तार से समझाते हैं?

भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और सोने और चांदी की कीमतों में अपने-अपने पीक से तेज गिरावट के बीच, निवेशक इन तीन एसेट क्लास में बॉटम-फिशिंग करने की सोच सकते हैं. हालांकि, पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और एसेट एलोकेशन के दौरान, किसी निवेशक को इन एसेट्स में फंड एलोकेट करने में मुश्किल हो सकती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन निवेशकों को इक्विटी, गोल्ड और सिल्वर में फंड एलोकेट करने में मुश्किल हो रही है, वे पुराने गोल्ड-सिल्वर रेश्यो और निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो का इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए आपको भी इसके बारे में विस्तार से समझाते हैं?

निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो

किसी के पोर्टफोलियो में रिस्की एसेट्स में कितना परसेंटेज एक्सपोजर है, इस पर बात करते हुए, ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के CEO और MD, पंकज मथपाल ने कहा मिंट की रिपोर्ट में कहा कि इक्विटी, गोल्ड और सिल्वर जैसे रिस्की एसेट्स में फंड एलोकेट करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपनी उम्र को 100 में से घटा दें. उदाहरण के लिए, अगर आपकी उम्र 35 साल है, तो अपने इन्वेस्टमेंट का 65% (100 – 35) रिस्की एसेट्स में और बाकी 35 फीसदी डेट या रिस्क-फ्री एसेट्स में एलोकेट करें. यह फॉर्मूला बढ़ती उम्र के साथ रिस्क कम करने में मदद करता है.

इक्विटी, गोल्ड और सिल्वर में से क्या चुनें, इस पर SEBI-रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि सबसे पहले निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो पता करके इक्विटी के बारे में तय करना चाहिए. आज, निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो लगभग 1.63 है (निफ्टी 50 25,571 पर बंद हुआ; MCX गोल्ड रेट लगभग 15,700 रुपए प्रति ग्राम पर बंद हुआ). याद रखें, निफ्टी-गोल्ड रेश्यो में, अगर नतीजा 2.50 से कम है, तो यह इस बात का संकेत है कि गोल्ड ओवर-वेट है और इक्विटी डिस्काउंटेड कीमतों पर उपलब्ध हैं. इसलिए, मौजूदा मार्केट सिनेरियो में गोल्ड के बजाय स्टॉक्स में ज्यादा पैसा लगाना चाहिए.

गोल्ड-सिल्वर रेश्यो

कौन सा बुलियन खरीदना है, यह कैसे तय करें, इस पर PACE 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल ने कहा मिंट से बात करते हुए कहा कि COMEX गोल्ड का रेट आज 5,080 डॉलर प्रति ओंस है, जबकि COMEX सिल्वर का रेट आज 82.345 डॉलर प्रति ओंस हैं. इसका मतलब है कि आज गोल्ड-सिल्वर रेश्यो लगभग 61.70 है. याद रखें, गोल्ड-सिल्वर रेश्यो में 80 धुरी है. अगर गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 80 से ज़्यादा है, तो गोल्ड के बजाय सिल्वर को प्राथमिकता देनी चाहिए. इसी तरह, अगर गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 80 से कम है, तो गोल्ड के बजाय सिल्वर को प्राथमिकता देनी चाहिए. चूंकि आज गोल्ड-सिल्वर रेश्यो लगभग 61 है, इसलिए सिल्वर से पहले गोल्ड को देखना चाहिए. उन्होंने इन्वेस्टर्स को गोल्ड-सिल्वर रेश्यो कैलकुलेट करते समय COMEX प्राइस का इस्तेमाल करने की सलाह दी.

किस एसेट को प्रायोरिटी

सबसे बड़ा सवाल ये है कि मौजूदा मार्केट सिनेरियो को देखते हुए किस असेट क्लास में निवेश करना बेहतर रहना होगा. जानकारों की मानें तो अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करते समय ज्यादा से ज्यादा फंड इक्विटी में लगाना बेहतर होगा. उसके बाद गोल्ड में निवेश करें. अंत में अपने आपको सिल्वर की ओर रुख करना चाहिए.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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