आईटी नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, फर्जी कंटेंट के नियमन पर कानूनी बहस तेज

सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक सामग्री के नियमन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी बहस तेज हो गई है। अदालत ने केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में 2023 में किए गए संशोधनों को रद्द करने वाले मुंबई हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में मूल याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। इनमें कॉमेडियन कुणाल कामरा, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजीन्स शामिल हैं। अदालत ने कहा कि बेहतर होगा कि पूरे मामले पर अंतिम फैसला आने दिया जाए।

इससे पहले मुंबई हाई कोर्ट ने 26 सितंबर 2024 को केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधित सूचना प्रौद्योगिकी नियमों को रद्द कर दिया था और उन्हें असंवैधानिक करार दिया था। ये संशोधन सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक सामग्री की पहचान और नियंत्रण के उद्देश्य से लाए गए थे।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य किसी सामग्री को पूरी तरह रोकना नहीं बल्कि गलत जानकारी को नियंत्रित करना है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को लेकर चिंता भी जताई। अदालत ने कहा कि कई मामलों में भारतीय सेना और राष्ट्रीय नीतियों से जुड़ी फर्जी जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती है, जो गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।

दूसरी ओर प्रतिवादियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि मौजूदा नियमों के तहत 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक सामग्री हटाने का प्रावधान पहले से मौजूद है। उनका कहना था कि 2023 के संशोधनों में भ्रामक जानकारी की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई, जिससे इन नियमों को लेकर विवाद पैदा हुआ।

दरअसल केंद्र सरकार ने 6 अप्रैल 2023 को सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत संशोधन करते हुए एक फैक्ट चेक यूनिट बनाने का प्रावधान किया था। इस इकाई को सरकारी कामकाज से संबंधित फर्जी या भ्रामक जानकारी की पहचान करने का अधिकार दिया गया था। अब इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अंतिम फैसला आने का इंतजार किया जा रहा है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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