पेंड्रा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, बिजली आपूर्ति प्रभावित और ठंड लौटने के आसार

पेंड्रा में मंगलवार शाम अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इससे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश की संभावना जताई थी, जो सही साबित हुई।
बारिश के बाद तापमान में गिरावट के संकेत हैं और क्षेत्र में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौटने के आसार बन गए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है। बीते 24 घंटों में रायपुर और जगदलपुर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री और न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय हवा की गति बेहद कम रही और आसमान पूरी तरह साफ रहा।
सरगुजा संभाग में पिछले दिनों सुबह घना कोहरा छाया रहा। पेंड्रा और अमरकंटक में सुबह और शाम ठंड का असर देखा गया। कड़ाके की ठंड बच्चों की सेहत पर भी असर डाल रही है। रायपुर के अस्पतालों में बीते एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए। विशेषज्ञों के अनुसार नवजात और सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में शरीर जल्दी ठंडा होता है और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है।
हाइपोथर्मिया एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर के अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। ठंडी हवा या पानी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खो देता है।
स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। लोगों से अपील की गई है कि केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।
सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए विटामिन C से भरपूर फल और सब्जियों का सेवन करें। अदरक और तुलसी की चाय पीने से वायरल संक्रमण से बचाव होता है और यह शरीर में जमा कफ को बाहर निकालने में मदद करती है।











