सुपौल में सरकारी शिक्षकों का नहीं हो सका एचआरए अद्यतन, दो कर्मियों पर गिरी गाज..

सुपौल : जिले में शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि और हाउस रेंट अलाउंस अर्थात एचआरए अद्यतन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना ने लिपिक विकास कुमार तथा डाटा आपरेटर प्रवीण पुष्कर से स्पष्टीकरण मांगा है.
इसको लेकर जारी पत्र में डीपीओ ने कहा है कि जनवरी माह में ही शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि और एचआए का अद्यतन किया जाना था, लेकिन अब तक कई शिक्षकों का भुगतान अपडेट नहीं किया गया है. इसके कारण शिक्षा विभाग को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं.
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य पूरा नहीं किया गया, जो गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने आदेश दिया है कि सभी शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि एवं एचआरए तत्काल अद्यतन कर अधोहस्ताक्षरी को सूचित किया जाए.
दरअसल विभागीय लापरवाही व कर्मियों की उदासीनता के कारण जिले के सैकड़ों शिक्षकों के वेतन वृद्धि और आवास भत्ता में घोर अनियमितता सामने आई थी. स्थिति ऐसी थी कि एक ही विद्यालय और एक ही पद पर पदस्थापित अलग अलग शिक्षकों को अलग अलग वेतन का भुगतान किया गया.











