बिलासपुर में निजी इंस्टीट्यूट के स्टाफ ने टीचर को मारा:कहा-हमारे बच्चों को पम्पलेट बांटा तो बताउंगा; बच्चे को गोद में लेकर रोकती रही पत्नी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक निजी इंस्टीट्यूट के स्टाफ की सरेराह गुंडागर्दी करने का मामला सामने आया है। कोचिंग सेंटर व सीएमडी कॉलेज के सामने पम्पलेट बांटने को लेकर उन्होंने ट्यूटर और उसकी पत्नी से अभद्रता की, जिसके बाद बेरहमी से पीट दिया।

मामला तारबहार थाना क्षेत्र का है। मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस दौरान पत्नी अपने 2 साल के बच्चे को गोद में लिए हुए आरोपियों को मारने से रोक रही थी।

दरअसल आरोप है कि ट्यूटर कोचिंग सेंटर के सामने खड़े होकर पम्पलेट बांट रहे थे, इसलिए उन्होंने मारा है। थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

अब जानिए पूरा मामला

दरअसल, क्रांति नगर के रहने वाले अभय अग्रवाल होम ट्यूटर है। वो अपनी पत्नी सेफाली कला मौर्य के साथ घर में बच्चों को कोचिंग पढ़ाता है। 6 नवंबर को अभय और उसकी पत्नी सेफाली दो साल के मासूम बच्चे को गोद में लेकर अपनी संस्थान का पम्पलेट बांट रहे थे।

आचार्य इंस्टीट्यूट के सामने पम्पलेट बांटने पर विवाद

इस दौरान दोनों सीएमडी कॉलेज के सामने स्थित आचार्या कोचिंग के पास पहुंच गए। यहां वो पम्पलेट बांट कर अपनी संस्था का प्रचार कर रहे थे। तभी आचार्य इंस्टीट्यूट के दो शिक्षक आदिल और सर्वेश वहां पहुंच गए।

पहले उन्होंने अभय और उसकी पत्नी के साथ अभद्रता की, जिसके बाद गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। वहीं, दोनों टीचर उसे सरेराह धमकाते हुए मारपीट करते रहे।

पीड़ित शिक्षक और उसकी पत्नी ने इस मामले की शिकायत तारबाहर थाने में दर्ज कराई है। टीआई कृष्णचंद सिदार ने कहा कि मामले में मारपीट का केस दर्ज किया गया है। केस के आरोपियों की तलाश की जा रही है

सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो

आचार्य इंस्टीट्यूट के टीचर और स्टाफ की गुंडागर्दी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें ट्यूटर के साथ बहस हो रही है, जिसके बाद वो गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्के चलाते दिख रहे हैं।

वहीं ट्यूटर अभय की पत्नी अपने मासूम बच्चे के साथ खड़ी होकर उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है। वीडियो में टीचर उन्हें सरेराह धमकी देते भी नजर आ रहे हैं।

शहर में कोचिंग सेंटर्स में प्रतिस्पर्धा, प्रशासन का नहीं है लगाम

दरअसल, इस पूरे विवाद और मारपीट के पीछे कोचिंग सेंटर संचालकों की आपसी प्रतिस्पर्धा प्रमुख वजह है। शहर में इस तरह से सैकड़ों कोचिंग सेंटर हैं, जहां के स्टाफ मार्केटिंग कर बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने का दावा करते हैं। ऐसे में उनके बीच एक तरह से बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए होड़ मची है। यह विवाद भी उसी का नतीजा है।

आरोप है कि ट्यूटर और उसकी पत्नी कोचिंग सेंटर के सामने खड़े होकर पम्पलेट बांट रहे थे और उनके बच्चों को भड़का रहे थे। इन सबके बीच शहर में न तो कोचिंग सेंटर संचालकों पर प्रशासन का कोई नियम है और न ही उसका पालन हो रहा है।