डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग दंपती से 1.15 करोड़ की ठगी, आतंकी मामले में फंसाने की दी धमकी

शहर में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर एक बुजुर्ग दंपती से 1 करोड़ 15 लाख रुपये ठग लिए। आरोपितों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर दंपती को आतंकी हमलों में संलिप्त होने का झांसा दिया और 15 दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए मानसिक दबाव बनाकर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली।
घटना हीरानगर थाना क्षेत्र के बजरंग नगर में रहने वाले विजय शंकर सक्सेना और उनकी पत्नी सुमन लता सक्सेना के साथ हुई। शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार, उन्हें एक वीडियो कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) पुणे का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि एक गिरफ्तार आतंकी ने पहलगांव और पुलवामा हमलों में उनके नाम का खुलासा किया है। साथ ही यह भी कहा गया कि जम्मू-कश्मीर के एक बैंक खाते में आतंकियों की मदद के बदले 70 लाख रुपये जमा हैं और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है।
बार-बार कॉल कर दंपती को गिरफ्तारी, सीबीआई और ईडी कार्रवाई की धमकी दी गई। आरोपितों ने बच्चों की जान को खतरा बताकर डराया और बैंक खातों, संपत्ति व व्यक्तिगत दस्तावेजों की जानकारी मांगी। घबराहट में दंपती ने आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक विवरण व्हाट्सएप पर भेज दिए।
इसके बाद खातों के सत्यापन के नाम पर एफडी तुड़वाकर रकम ट्रांसफर करने को कहा गया। दंपती ने विजयनगर स्थित राज्य सहकारी बैंक से एफडी तुड़वाकर पहले 49 लाख 70 हजार रुपये और फिर 65 लाख 30 हजार रुपये आरोपितों द्वारा बताए गए खातों में एनईएफटी के माध्यम से भेज दिए।
रकम ट्रांसफर करने के बाद विजय शंकर की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। परिजनों को जानकारी मिलने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। दंपती ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या वीडियो कॉल पर व्यक्तिगत जानकारी या बैंक विवरण साझा न करें।










