रबी फसल वर्ष 2025-26: बीज उत्पादन कार्यक्रम से महासमुंद जिले में कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

महासमुंद जिले में आगामी रबी फसल वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से रबी फसल वर्ष 2025-26 के लिए विस्तृत बीज उत्पादन कार्यक्रम तय किया गया है। इस कार्यक्रम में 10 वर्ष के अंदर और बाहर की उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
जिले के बीज प्रक्रिया केंद्रों और विकासखंडों में सरसों, गेहूं, मूंगफली, मूंग और अलसी जैसी प्रमुख रबी फसलों के बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 10 वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों के लिए सरसों का 15 हेक्टेयर और गेहूं, सरसों, मूंगफली का 25 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, 10 वर्ष के अंदर की उन्नत किस्मों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें गेहूं, सरसों, अलसी और मूंग के लिए अलग-अलग क्षेत्र चयनित किए गए हैं।
कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अनाज, दलहन और तिलहन फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रम में भाग लें। इच्छुक किसान संबंधित बीज प्रक्रिया केंद्र या कृषि अधिकारियों से संपर्क कर बीज प्राप्त करने, पंजीयन और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ले सकते हैं। इस कार्यक्रम से किसानों की आय बढ़ेगी और जिले में कृषि अधिक लाभकारी बनेगी। स्थानीय स्तर पर उत्पादित बीजों की उपलब्धता से खेती की लागत भी कम होगी। कुल मिलाकर, यह बीज उत्पादन कार्यक्रम महासमुंद जिले को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











