MP में शराब ठेकों में गड़बड़ी पर जीतू पटवारी ने पीएम मोदी से किए 7 सवाल, कार्रवाई की मांग


मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में शराब ठेकों के आवंटन और हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि शराब ठेकों से जुड़े मामले में 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की ऐसी ई-एफडीआर स्वीकार की गई, जिसे संबंधित बैंक ने जारी करने से ही इनकार कर दिया। इसके अलावा, ठेका दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का आरोप भी सामने आया है।
कांग्रेस नेता ने इस मामले में सात सवाल उठाते हुए पूछा कि इतनी गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई में देरी क्यों हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में शराब ठेकों से जुड़ा यह पूरा मामला किसके संरक्षण में चल रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जांच में मिलीं अनियमितताएं
यह मामला भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों के ठेकों और उनके हस्तांतरण से जुड़ा है। विभागीय जांच में वित्तीय दस्तावेजों, सिक्योरिटी जमा करने और लाइसेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया में सात अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आबकारी विभाग के अधिकारी दीपम रायचूरा को निलंबित किया गया।
जांच के अनुसार, 2 करोड़ 75 लाख 53 हजार 535 रुपये की ई-एफडीआर के साथ सत्यापन प्रतिवेदन लगाया गया था। दोबारा सत्यापन कराने पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एफडीआर जारी करने से इनकार कर दिया। जांच समिति को सत्यापन रिपोर्ट में भी गड़बड़ी मिली। फाइल में बैंक को पत्र भेजने का रिकॉर्ड नहीं था और एफडीआर पर शाखा का नाम भी दर्ज नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया कि शेष सिक्योरिटी 30 अप्रैल 2024 तक जमा होनी थी, लेकिन इसे 12 मई को जमा किया गया। इसके बावजूद देरी के मामले में नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई। जांच समिति ने बैंक की पात्रता से जुड़े नियमों और लाइसेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया में भी अनियमितताएं पाईं।
एक अन्य मामले में विजय सिंह की ओर से 76 लाख रुपये की ई-बैंक गारंटी जमा की गई थी। जांच के अनुसार, वह न तो मूल लाइसेंसी थे और न ही हस्तांतरण के समय संबंधित फर्म के भागीदार थे। इसके बावजूद उनकी बैंक गारंटी स्वीकार कर ली गई। लाइसेंस हस्तांतरण के लिए पेश किए गए दस्तावेजों और फर्म की भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड में भी विसंगतियां मिलीं।
जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री से पूछे सात सवाल
जीतू पटवारी ने पूछा कि शराब ठेकों से जुड़े मामले में सात गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई। उन्होंने सवाल किया कि जब संबंधित बैंक ने 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की ई-एफडीआर जारी करने से इनकार कर दिया, तो विभाग ने उसे स्वीकार कैसे कर लिया। उन्होंने यह भी पूछा कि निर्धारित समयसीमा से 22 दिन बाद जमा की गई सिक्योरिटी को नियमों के विरुद्ध स्वीकार करने की अनुमति किसने दी।
कांग्रेस नेता ने बैंक गारंटी के बिना 76 लाख रुपये की सिक्योरिटी स्वीकार किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि शराब ठेके दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का मामला किसके इशारे पर चला और इस आरोप में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कब होगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी सवाल किया कि फर्जी दस्तावेज स्वीकार करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही कब तय की जाएगी और वल्लभ भवन में कथित तौर पर शामिल अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले पर मौन हैं, इसलिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मामले में सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री जी,
मप्र में शराब ठेकों का खेल, 2.75 करोड़ की फर्जी FDR, एक करोड़ की कथित घूस! आखिर किसके संरक्षण में चल रहा था यह पूरा खेल?ज्यादा नहीं, 07 सवाल हैं!
लेकिन, हमारे मुख्यमंत्री तो मौन हैं!
इसलिए अब @PMOIndia ही जवाब दे!01 – वसूली की 07 बड़ी और गंभीर गड़बड़ियां… pic.twitter.com/34aMsoZnub
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 13, 2026











