बस्तर में 6 करोड़ का लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर शुरू, 20 बेड और मॉडर्न ICU-OT की सुविधा

बस्तर संभाग में सड़क हादसों और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज देने के लिए जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर शुरू हो गया है। डिमरापाल स्थित शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय में करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस सेंटर में 20 बेड, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और ICU की सुविधा उपलब्ध है। यहां न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी के विशेषज्ञ 24 घंटे सेवाएं देंगे।
गोल्डन ऑवर में मिलेगा इलाज
ट्रॉमा सेंटर का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों और अन्य गंभीर मामलों में मरीज को शुरुआती महत्वपूर्ण समय में इलाज उपलब्ध कराना है। मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रदीप बेक के मुताबिक दुर्घटना के बाद का पहला घंटा बेहद अहम होता है। अब गंभीर मरीजों की जांच, निगरानी, सर्जरी और जरूरत पड़ने पर ICU उपचार एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगा।
1.50 करोड़ का भवन, 4.43 करोड़ के उपकरण
ट्रॉमा सेंटर के लिए करीब 6 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें 1.50 करोड़ रुपए आधारभूत संरचना पर खर्च हुए हैं, जबकि 4.43 करोड़ रुपए के चिकित्सा उपकरण लगाए गए हैं। सेंटर में गंभीर मरीजों के लिए 20 बेड की व्यवस्था है।
न्यूरो से ऑर्थो तक विशेषज्ञों की टीम
सेंटर में न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग की सेवाएं जोड़ी गई हैं। इससे सिर, रीढ़ और हड्डियों समेत गंभीर चोटों वाले मरीजों को शुरुआती इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में ले जाने की जरूरत कम होगी।
60 नए पदों पर होगी भर्ती
ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए 60 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे डॉक्टरों के साथ नर्सिंग, तकनीकी और अन्य जरूरी स्टाफ की व्यवस्था मजबूत होगी। 24 घंटे सेवाएं संचालित करने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय रखा जाएगा।
2020-21 में मिली थी मंजूरी
केंद्र सरकार की 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत देशभर में 85 ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रावधान किया गया था। इसी योजना के तहत 2020-21 में छत्तीसगढ़ के रायगढ़, अंबिकापुर और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर स्वीकृत हुए थे। अब जगदलपुर में लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर शुरू हो गया है।
गंभीर मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत होगी कम
बस्तर में सड़क हादसों के अलावा गंभीर चोट वाले मरीजों को भी तत्काल इलाज की जरूरत पड़ती है। ट्रॉमा सेंटर शुरू होने से ऐसे मरीजों को शुरुआती उपचार स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। मरीज की स्थिति के आधार पर आगे रेफर करने का फैसला विशेषज्ञों की टीम करेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
लोकार्पण कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी मानव संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत करीब 35 लाख लोगों की जांच और 11 हजार गंभीर मरीजों को रायपुर भेजकर इलाज कराने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से 90 सीटों के साथ पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। राज्यभर में 630 पदों के साथ 26 से 27 नए पैरामेडिकल कोर्स शुरू करने की भी तैयारी है।
जगदलपुर में 100 बेड का मानसिक चिकित्सालय भी तैयार
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक जगदलपुर में 100 बिस्तरों की क्षमता वाला मानसिक चिकित्सालय भी तैयार है और इसे अगले दो से तीन महीनों में पूरी तरह शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा महारानी अस्पताल जगदलपुर और सुकमा की अटल आरोग्य लैब में थायराइड, किडनी, लिवर और हृदय से जुड़ी 136 तरह की जांच मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज में पुलिस चौकी की मांग
चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी शुरू करने की मांग रखी। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही रहती है, जबकि संबंधित थाना करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर है। ऐसे में आपात स्थिति में पुलिस की तत्काल मौजूदगी के लिए अस्पताल परिसर में चौकी जरूरी है।










