सराफा व्यापारी हत्याकांड में 4 दोषियों को उम्रकैद, CCTV बना सबसे अहम सबूत

दुर्ग जिले के अमलेश्वर स्थित समृद्धि ज्वेलर्स हत्याकांड में पाटन अपर सत्र न्यायालय ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने 10 सितंबर को अनुपम उर्फ अभिषेक कुमार झा, अभय कुमार भारती उर्फ बाबू, सौरभ कुमार सिंह और आलोक कुमार यादव को हत्या, लूट और दुकान में घुसने के मामले में दोषी ठहराया।
कोर्ट ने चारों को BNS की धारा 302 और 34 के तहत उम्रकैद के साथ 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 449 और 34 के तहत 10 साल की सश्रम जेल और 1-1 हजार रुपए जुर्माना, जबकि धारा 397 और 34 के तहत 7 साल की सश्रम जेल और 1-1 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। मुख्य सजाएं एक साथ चलेंगी।
बेटे के मोबाइल पर दिखा था दुकान का लाइव CCTV
इस केस में दुकान का लाइव CCTV फुटेज जांच की सबसे अहम कड़ी बना। मृतक सराफा व्यापारी सुरेंद्र सोनी का बेटा तनिष्क अपने मोबाइल पर दुकान का लाइव CCTV देख रहा था। उसने पहले दुकान में अपने पिता के साथ दो युवकों को देखा। कुछ देर बाद जब उसने दोबारा फुटेज देखा तो वही युवक काउंटर के अंदर नजर आए।
CCTV में युवकों को लॉकर से सामान निकालते देख तनिष्क तुरंत दुकान की ओर रवाना हुआ। दुकान पहुंचने पर उसके पिता घायल हालत में मिले और लॉकर खुला हुआ था।
20 अक्टूबर 2022 को हुई थी वारदात
घटना अमलेश्वर के तिरंगा चौक स्थित बजरंग कॉम्प्लेक्स की है। सुरेंद्र सोनी यहां समृद्धि ज्वेलर्स चलाते थे। 20 अक्टूबर 2022 को उन्होंने सुबह करीब 10:30 बजे दुकान खोली थी और उस समय वे अकेले थे।
दोपहर करीब 12:30 बजे दो युवक ज्वेलरी देखने के बहाने दुकान में पहुंचे। सुरेंद्र सोनी उन्हें सामान दिखा रहे थे। इसी दौरान तनिष्क मोबाइल पर दुकान का CCTV लाइव देख रहा था।
करीब 1 बजे उसने दोबारा CCTV देखा तो दोनों युवक काउंटर के अंदर दिखाई दिए। इसके बाद वह तुरंत दुकान के लिए निकला। रास्ते में उसे तीन लोग एक बाइक पर जाते दिखाई दिए।
मौके से कारतूस और अन्य सबूत मिले
पुलिस ने घटनास्थल से 7.65 एमएम के चार खाली कारतूस, एक जिंदा राउंड और देशी कट्टे से संबंधित एक खाली खोखा बरामद किया था। अन्य सामग्री और नमूनों को भी जांच में शामिल किया गया।
दुकान का DVR जब्त कर CCTV रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी गई। पुलिस ने फुटेज से संबंधित प्रमाण-पत्र भी हासिल किया। कोर्ट में CCTV फुटेज को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया।
चारों आरोपी दूसरे राज्यों से पकड़े गए
जांच में अनुपम उर्फ अभिषेक कुमार झा बिहार के वैशाली, सौरभ कुमार सिंह बिहार के गया, आलोक कुमार यादव बिहार के छपरा और अभय कुमार भारती उर्फ बाबू उत्तर प्रदेश के चंदौली का रहने वाला पाया गया।
पुलिस ने चारों आरोपियों को वाराणसी से गिरफ्तार किया। अभियोजन की ओर से गवाहों, CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले सबूत और दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए।
लूट के दौरान व्यापारी की हत्या का आरोप
अभियोजन के अनुसार, आरोपी लूट के इरादे से ज्वेलरी दुकान में दाखिल हुए थे। उनके पास हथियार थे और लूट के दौरान सुरेंद्र सोनी की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद आरोपी दुकान से आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए।
कोर्ट ने अभियोजन की ओर से पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी माना।
दो आरोपियों को हथियार मामले में भी सजा
अभय कुमार भारती और सौरभ कुमार सिंह के खिलाफ अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल करने का मामला भी था। कोर्ट ने दोनों को आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सजा सुनाई है। धारा 25(1), 1-ख(ख) के तहत 2 साल का सश्रम कारावास और 500 रुपए जुर्माना, जबकि धारा 27(3) के तहत आजीवन कारावास और 5-5 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
करीब 3 साल 11 महीने बाद आया फैसला
20 अक्टूबर 2022 को हुई इस वारदात के करीब 3 साल 11 महीने बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। इस पूरे मामले में दुकान का लाइव CCTV, जिसे मृतक के बेटे ने अपने मोबाइल पर देखा था, जांच और अभियोजन के लिए अहम सबूत बना।










