ग्वालियर से दबोचा गया सूदखोर वीरेंद्र तोमर, 151 दिन से फरार था — रायपुर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामलों में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह तोमर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा, जहां वह लोअर और टी-शर्ट पहनकर सामान्य व्यक्ति की तरह घूम रहा था ताकि पहचान से बच सके।

वीरेंद्र तोमर पिछले 151 दिनों से पुलिस को चकमा देकर फरार था। पुलिस को उसकी तलाश में कई राज्यों में टीम भेजनी पड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और नकली पहचान के सहारे अलग-अलग शहरों में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी रायपुर पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ग्वालियर से हिरासत में लिए जाने के बाद वीरेंद्र तोमर को जल्द ही रायपुर लाया जाएगा, जहां उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस को शक है कि वह फरारी के दौरान अपने नेटवर्क के ज़रिए सूदखोरी का धंधा जारी रखे हुए था।

वीरेंद्र तोमर पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अवैध वसूली, धमकी और रंगदारी के केस शामिल हैं। बताया जा रहा है कि वह लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसे उधार देता था और भुगतान न करने पर धमकाकर वसूली करता था। इसके साथ ही वह अपने गुर्गों के ज़रिए इलाके में दहशत फैलाने का काम भी करता था।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब मामले की तह तक जाने के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी। इस टीम का काम तोमर के सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करना होगा। वहीं फरार चल रहे उसके साथी रोहित की तलाश अब भी जारी है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में सूदखोरी के बढ़ते मामलों पर अब अंकुश लगाया जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस सफलता पर संतोष जताते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र में अपराधियों के हौसले कमजोर होंगे।