MP शिक्षक भर्ती: दो साल बाद भी वर्ग-1 पदों पर नियुक्ति अधूरी, अभ्यर्थी प्रतीक्षा में

भोपाल में स्कूली शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) की भर्ती की प्रक्रिया दो साल में भी पूरी नहीं हो सकी है। दो वर्ष पहले 8,720 से अधिक पदों के लिए चयन परीक्षा और कई दौर की काउंसिलिंग हुई थी, लेकिन अब तक केवल करीब 3,198 पदों पर ही नियुक्ति हो पाई है। शेष अभ्यर्थी प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों और भोपाल में कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बैकलॉग पद और अन्य कारणों से नियुक्ति में देरी हो रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि पुरानी भर्ती पूरी किए बिना नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होनी चाहिए। इस वर्ष माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) के 30 हजार पदों को भरने की योजना है, लेकिन वर्ग-1 की पात्रता परीक्षा अभी नहीं हुई है।

पिछले आठ वर्षों में वर्ग-1 की पात्रता परीक्षा केवल दो बार आयोजित हुई, 2018 और 2023 में। इन परीक्षाओं में केवल 15 हजार पदों पर भर्ती हुई। इतने लंबे अंतराल में बीएड कर चुके अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं।

इस साल जुलाई-अगस्त में वर्ग-2 और वर्ग-3 के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिससे लगभग 30 हजार पद भरे जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में तीनों वर्गों में 69 हजार से अधिक पद खाली हैं।

अभ्यर्थी राहुल त्रिवेदी और शशांक साहू का कहना है कि वर्ग-1 की पात्रता परीक्षा हर साल होनी चाहिए और अधूरे पदों को भरने पर ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू हो।

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