NHM Protest – NHM हड़ताल पर सरकार का बड़ा फैसला: अब नहीं मिलेगा वेतन

10 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं कर्मचारी

NHM Protest/नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। बीते कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों को झटका देते हुए सरकार ने “कार्य नहीं तो वेतन नहीं” का सिद्धांत लागू कर दिया है। जारी आदेश के मुताबिक, जो भी कर्मचारी अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें उस अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा।

इतना ही नहीं, उपस्थिति दर्ज न करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाएगी। इस आदेश के बाद से कर्मचारियों की चिंता और बढ़ गई है और उनके आंदोलन का स्वर और उग्र होता दिखाई दे रहा है।

NHM Protest/प्रदेशभर के NHM कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं।

इन मांगों में नियमितीकरण और संविलियन सबसे अहम मुद्दा है। कर्मचारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कई वादे किए थे जिन्हें “मोदी की गारंटी” कहा गया था। लेकिन चुनाव के बाद इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ।

इसी गारंटी की याद दिलाने के लिए कर्मचारियों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया और “लापता गारंटी” ढूंढने के नाम पर रायपुर और दुर्ग संभाग के हजारों कर्मचारियों ने पंफलेट बांटे।

NHM Protest/धरना स्थल तूता से निकली कर्मचारियों की रैली जब मंत्रालय की ओर बढ़ी तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेटिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच जोरदार धक्का-मुक्की भी हुई।

आंदोलनकारी कर्मचारी अब साफ कह चुके हैं कि पहले वे 10 मांगों को लेकर हड़ताल पर थे, लेकिन अब उनकी सिर्फ एक ही मांग है—संविलियन। जब तक यह मांग पूरी नहीं होगी, वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।

सरकार जहां अनुशासन और सख्ती दिखा रही है, वहीं कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर मैदान छोड़ने के मूड में नहीं हैं। आदेश जारी होने के बाद से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ सकता है।

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