उत्तर कोरिया का अनोखा चुनाव सिस्टम: 99% से ज्यादा वोटिंग कैसे संभव?

नॉर्थ कोरिया की सर्वोच्च सदन के लिए रविवार (15 मार्च) को चुनाव कराए गए. इस चुनाव में खुद सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने भी मतदान किया. उत्तरी कोरिया मीडिया ने किम के वोट डालने का एक वीडियो पोस्ट किया है. इसमें किम जोंग उन एक कोयला खादान में मतदान करते नजर आ रहे हैं. उत्तर कोरिया चुनाव आयोग के मुताबिक करीब 99.1 प्रतिशत लोगों ने इस चुनाव में अपने मतों का प्रयोग किया.

यह चुनाव 5 साल के लिए कराए गए हैं. उत्तर कोरिया में सर्वोच्च सदन ही सरकार के सभी क्षेत्रों में कानून बनाती और नीतियों का प्रबंधन करती है.

नॉर्थ कोरिया में कैसे चलती है सरकार?

उत्तर कोरिया की सरकार एकीकृत साम्यवादी सरकार है. इसके सुप्रीम लीडर किम जोंग उन हैं. किम जोंग उन को उत्तर कोरिया की सत्ता विरासत में मिली है. किम उत्तर कोरियाई सेना के प्रमुख भी हैं. उनके पास उत्तर कोरिया के सभी बड़े अधिकार हैं. किम ही आखिर फैसला करते हैं.

हालांकि, वहां एक सर्वोच्च सदन भी है, जिसे सुप्रीम पीपुल्स असेंबली कहा जाता है. यहां पर किम सरकार से जुड़े सभी फैसले लेते हैं. उत्तर कोरिया पीपुल्स असेंबली में कुल 687 सीटें हैं. इन सीटों पर किम की वर्कर्स पार्टी गठबंधन सहयोगियों के सहारे मैदान में उतरती हैं.

उत्तर कोरिया में चुनाव कैसे होते हैं?

पीपुल्स कोरिया के मुताबिक उत्तर कोरिया के संविधान में मतदान का अधिकार है. 17 साल से अधिक उम्र के नागरिक चुनाव में उतर सकते हैं और वोट डाल सकते हैं. चाहे वो किसी भी विचारधारा को मानता हो. उत्तर कोरिया में मतदान न करना राजद्रोह के सामान है. यानी सभी नागरिकों के लिए मतदान करना आवश्यक है.

चुनाव की घोषणा के बाद मतदाता सूची जारी की जाती है. इसी सूची के आधार पर मतदाता अपना वोट डाल सकेंगे. चीन और रूस में रहने वाले उत्तरी कोरिया के नागरिकों को भी वोट डालने का अधिकार है.

उत्तर कोरिया में मतदान बैलेट पेपर के जरिए होता है. यहां उम्मीदवार के नाम के सामने टिक लगाना होता है. अगर किसी उम्मीदवार के विरोध में कोई मतदाता वोट डालना चाहता है तो उसे सार्वजनिक तौर पर ऐसा करना होगा. उत्तर कोरिया में उम्मीदवारों का चयन स्थानीय स्तर पर डिबेट प्रणाली के जरिए किया जाता है.

इसके लिए चुनाव समिति का गठन होता है. आमतौर पर एक सीट पर सिर्फ एक ही उम्मीदवार होते हैं. उसके प्रति समर्थन जताने के लिए वोट डलवाया जाता है.

जानकारों का कहना है कि उत्तर कोरिया में चुनाव नाममात्र का होता है. किम जोंग उन स्थानीय स्तर के गुस्से को समाप्त करने के लिए चुनाव कराते हैं. ताकि उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिम्मेदार न ठहराया जाए.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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