NTPC के ‘IPS 2026’ का आगाज : पावर सेक्टर पर तीन दिन चलेगा मंथन

रायपुर। एनटीपीसी की ओर से आयोजित इंडियन पावर स्टेशन ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस कॉन्फ्रेंस 2026 यानी आईपीएस 2026 का शुभारंभ आज रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में हुआ। 13 से 15 फरवरी तक चलने वाला यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन देश के पावर सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जहां ऊर्जा उत्पादन की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता को लेकर गहन मंथन किया जाएगा।

कार्यक्रम में भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए विश्वसनीय आपूर्ति, आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग और मजबूत प्रबंधन प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर एनटीपीसी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर गुरदीप सिंह ने कहा कि देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में थर्मल पावर की भूमिका अब भी केंद्रीय है। उन्होंने गुणवत्ता और विश्वसनीयता के उच्च मानकों को बनाए रखने को समय की आवश्यकता बताया।

एनटीपीसी के डायरेक्टर ऑपरेशंस रविंद्र कुमार ने संचालन उत्कृष्टता, तकनीकी नवाचार और दक्षता सुधार को प्राथमिकता देने पर बल दिया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा सचिव रोहित यादव, विद्युत मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव थर्मल पीयूष सिंह, सदस्य थर्मल एवं सदस्य ई एंड सी प्रवीण गुप्ता, एनटीपीसी के डायरेक्टर फाइनेंस जे. श्रीनिवासन, डायरेक्टर फ्यूल शिवम श्रीवास्तव, डायरेक्टर प्रोजेक्ट्स केएस सुंदरम, डायरेक्टर एचआर अनिल कुमार जादली सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सम्मेलन स्थल पर लगाई गई है भव्य प्रदर्शनी

सम्मेलन स्थल पर एक भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें पावर सेक्टर से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ऊर्जा दक्षता समाधान, सुरक्षा उपकरण, जल एवं ईंधन प्रबंधन तकनीक और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के आधुनिक मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कई कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जहां प्रतिभागियों को नवीन तकनीकी समाधानों की जानकारी दी जा रही है।

देशभर से आए विशेषज्ञ प्रस्तुत करेंगे अपने शोध पत्र

इस वर्ष सम्मेलन की थीम ऑप्टिमाइजिंग थर्मल जेनरेशन विथ क्वालिटी एंड रिलायबिलिटी रखी गई है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में तापीय बिजली उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों, प्लांट संचालन, सुरक्षा मानकों, एसेट मैनेजमेंट, डिजिटल अनुप्रयोग, दक्षता सुधार और भविष्य के ऊर्जा विकल्प जैसे हाइड्रोजन, न्यूक्लियर और रिन्यूएबल एनर्जी पर विस्तृत चर्चा होगी। तकनीकी सत्रों में देशभर से आए विशेषज्ञ अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे और ऊर्जा क्षेत्र की भावी रणनीति पर विचार साझा करेंगे। आज शुभारंभ के साथ ही सत्रों की शुरुआत हो गई है, जो अगले दो दिनों तक जारी रहेंगे। तीन दिनों तक रायपुर राष्ट्रीय ऊर्जा विमर्श का केंद्र रहेगा।

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