महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष को दिया प्रस्ताव, 3 दिन का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी

विपक्ष जहां एक तरफ परिसीमन बिल पर अपनी हरी झंडी नहीं दी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है.
केंद्र सरकार लंबे समय से लटके परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने के लिए संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है. सरकार की मंशा इन दोनों अहम विधेयकों को जल्द से जल्द पारित कराने की है. सरकार इन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने की दिशा में काम कर रही है.
सरकार की तरफ से कांग्रेस समेत विपक्ष को विशेष सत्र का प्रस्ताव दिया गया है. यदि संख्या बल सुनिश्चित हो जाता है तो 17 अगस्त से तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि जैसे ही पर्याप्त समर्थन का भरोसा मिलेगा, 16 अगस्त से तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है. हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
संसद में बीते सत्र में तीन बिल पेश किए गए थे, जिनके जरिए लोकसभा सीटों में विस्तार होना है. जिसका मकसद महिलाओं को एक-तिहाई यानी 33 फीसदी आरक्षण जल्दी लागू करना और नए सिरे से परिसीमन करना है.
परिसीमन का मतलब है चुनाव लड़ने के क्षेत्रों की सीमाएं और संख्या तय करना या बदलना. यानी चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव को ही परिसीमन कहते हैं.











